Nasha Mukti Abhiyan : सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा
Nasha Mukti Abhiyan : भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा बैठक में नशामुक्ति, दिव्यांगजन कल्याण और सामाजिक संवेदनशीलता को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के कमजोर वर्गों, दिव्यांगजनों और युवाओं के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना चाहिए।

Nasha Mukti Abhiyan : पाठ्यक्रम में शामिल हो नशे के दुष्परिणाम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति युवाओं और किशोरों के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को समय रहते नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूलों और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में नशामुक्ति और जागरूकता से जुड़ी सामग्री शामिल की जाए, ताकि युवाओं में नशे के प्रति नकारात्मक सोच विकसित हो और वे इससे दूर रहें।मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में नशामुक्त वातावरण बनाने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि सामाजिक भागीदारी और जागरूकता भी जरूरी है।
Nasha Mukti Abhiyan : दिव्यांगता के प्रति बच्चों में विकसित हो संवेदनशीलता
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली स्तर पर बच्चों में दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने की आवश्यकता है। इसके लिए शिक्षा व्यवस्था में ऐसी सामग्री शामिल की जाए, जिससे छात्र दिव्यांगजनों की चुनौतियों को समझ सकें और उनके प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाएं।उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के सभी शासकीय भवनों को दिव्यांगजनों के लिए पूरी तरह बाधारहित बनाया जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
Nasha Mukti Abhiyan : दिव्यांगजनों के लिए रोजगार और कौशल विकास पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उनकी क्षमता के अनुरूप कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता ही सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम है और दिव्यांगजन भी समाज की मुख्यधारा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
Nasha Mukti Abhiyan : धार्मिक स्थलों से जुड़े कल्याणकारी कार्यों की बने योजना
बैठक में मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर दान के रूप में प्राप्त होने वाली राशि और सामग्री का उपयोग स्थानीय स्तर पर निराश्रितों, भिक्षुकों और जरूरतमंद लोगों के कल्याण के लिए किया जाए। इसके लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।
Nasha Mukti Abhiyan : 6.52 करोड़ रुपये के कृत्रिम अंग और सहायक यंत्र वितरित
बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री सेवा पखवाड़ा अभियान 2025 के तहत प्रदेशभर में दिव्यांगजनों को 6 करोड़ 52 लाख रुपये मूल्य के कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं। इससे हजारों दिव्यांगजनों को दैनिक जीवन में सुविधा और आत्मनिर्भरता प्राप्त हुई है।
Nasha Mukti Abhiyan : विशेष विद्यालयों में तैयार हुईं 168 स्मार्ट क्लास
दिव्यांग विद्यार्थियों की शिक्षा को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश के विशेष विद्यालयों में 168 स्मार्ट क्लास तैयार की गई हैं। इन स्मार्ट क्लास के माध्यम से छात्रों को तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनकी सीखने की क्षमता और बेहतर हो सके।
Nasha Mukti Abhiyan : नशामुक्त भारत अभियान में 12 हजार वालेंटियर्स सक्रिय
बैठक में बताया गया कि नशामुक्त भारत अभियान के तहत प्रदेश में 12 हजार वालेंटियर्स तैयार किए गए हैं। ये वालेंटियर्स गांवों, शहरों, स्कूलों और सामाजिक कार्यक्रमों में लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
Nasha Mukti Abhiyan : वृद्धजनों और दिव्यांगजनों के लिए भी विशेष पहल
वृद्धजनों की देखभाल के लिए 54 प्रतिभागियों को केयर गिवर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। वहीं, दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ने के लिए भारत सरकार द्वारा पुरस्कृत संस्थानों के साथ एमओयू किया गया है, जिसके माध्यम से दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
Nasha Mukti Abhiyan : समाज के हर वर्ग के सशक्तिकरण की दिशा में प्रयास
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। नशामुक्ति, दिव्यांगजन सशक्तिकरण और सामाजिक संवेदनशीलता जैसे विषयों पर निरंतर कार्य कर प्रदेश को अधिक समावेशी और सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

