REPORT- BHUPENDRA GABEL, BY- ISA AHMAD
रायगढ़ (छत्तीसगढ़)। घरघोड़ा पुलिस ने रायकेरा गांव में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का खुलासा महज़ 24 घंटे के भीतर कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि हत्या का कारण एनटीपीसी मुआवजा राशि के बंटवारे को लेकर चल रहा पुराना विवाद था।
गला घोंटकर की गई थी पिता और सास की हत्या
मामला 3 अक्टूबर का है, जब ग्राम रायकेरा के कोटवार सकिर्तन राठिया ने घरघोड़ा पुलिस को सूचना दी कि गांव के घुराउ राम सिदार और उनकी सास सुकमेत उर्फ सुखमेत सिदार का शव उनके घर की परछी में पड़ा है। दोनों की गला घोंटकर निर्मम हत्या की गई थी।
सूचना मिलते ही एसडीओपी धरमजयगढ़, घरघोड़ा थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों की मौत गला दबाने और मारपीट से हुई है, जिसके बाद पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने की जांच तेज कर दी।
मुआवजा विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में पता चला कि मृतक घुराउ राम सिदार, मृतिका सुकमेत सिदार और आरोपी रामप्रसाद सिदार के बीच एनटीपीसी मुआवजा राशि के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। कई बार इस विवाद को लेकर झगड़े भी हो चुके थे।
आरोपी रामप्रसाद ने मृतक के बेटे रविशंकर सिदार को अपने पिता के खिलाफ भड़काया था। इसी रंजिश में 2 अक्टूबर की शाम रविशंकर और रामप्रसाद ने मिलकर योजना बनाई। उसी रात रविशंकर ने अपने पिता घुराउ राम का रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। जब सास सुकमेत ने विरोध किया, तो दोनों ने मिलकर उसकी भी हत्या कर दी।
24 घंटे में पुलिस ने किया पर्दाफाश
घरघोड़ा पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों रविशंकर सिदार और रामप्रसाद सिदार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने इस खुलासे में शामिल टीम को सराहना दी है।





