रिपोर्ट- भूपेन्द्र गबेल
BY- ISA AHMAD
जिंदल पावर लिमिटेड की प्रस्तावित कोयला खदान परियोजना का विरोध तेज हो गया है। ग्राम पंचायत झरना की ग्राम सभा ने सर्वसम्मति से आपत्ति प्रस्ताव पारित करते हुए आगामी 14 अक्टूबर 2025 को ग्राम धौराभांठा में आयोजित होने वाली जनसुनवाई को निरस्त करने की मांग की है। इस संबंध में ग्रामवासियों ने रायगढ़ पर्यावरण विभाग को ज्ञापन भी सौंपा है।
प्रभावित गांवों की चिंता
प्रस्तावित खदान से रायगढ़ जिले के 28 गांव प्रभावित होंगे, जिनमें ग्राम पंचायत झरना भी शामिल है। ग्रामवासियों का कहना है कि इस परियोजना से उनकी खेती, जल-जंगल-जमीन और आजीविका पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ग्राम सभा ने स्पष्ट कहा है कि ग्रामीण किसी भी कीमत पर अपनी जमीन खोने को तैयार नहीं हैं।
16 सितंबर को हुई ग्राम सभा
इससे पहले 16 सितंबर को ग्राम पंचायत भवन झरना में विधिवत ग्राम सभा आयोजित की गई थी। इसमें पंचायत क्षेत्र के सभी पात्र सदस्य, महिला-पुरुष ग्रामीण, परंपरागत पंच, जनप्रतिनिधि और पंचायत पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। बैठक में प्रस्तावित परियोजना पर गहन विचार-विमर्श किया गया और सर्वसम्मति से विरोध प्रस्ताव पारित किया गया।
ग्रामीणों की आपत्ति
ग्रामवासियों ने पर्यावरण विभाग को सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि प्रस्तावित परियोजना से न केवल उनकी आजिविका और पर्यावरण प्रभावित होगा, बल्कि गांव की सामाजिक और सांस्कृतिक संरचना पर भी गंभीर नकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने साफ शब्दों में मांग की है कि 14 अक्टूबर की जनसुनवाई को तत्काल रद्द किया जाए।





