Report: Dinesh Gupta, Edited By: Vijay Nandan
Rabid Dog Incident Ambikapur: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर से सटे ग्राम सरगंवा में जो हुआ, उसने पूरे इलाके में खौफ, दहशत और डर फैला दिया है। दरअसल इस दहशत की वजह है, एक रेबीज संक्रमित पागल कुत्ता, जिसने पूरे गांव को संक्रमित कर दिया है, खबरों के मुताबिक गांव के एक बकरे को इस पागल कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद जो फैसला लिया गया, वह अब पूरे गांव के लिए जानलेवा खतरा बन गया है।
Rabid Dog Incident Ambikapur: पूजा में कुत्ता काटे बकरे की बली दी गई
28 दिसंबर को गांव में पूजा का आयोजन था। इसी दौरान उसी पागल कुत्ता काटे बकरे की बली दे दी गई, जिसे कुछ समय पहले रेबीज संक्रमित कुत्ते ने काटा था। आरोप है कि गांव के सरपंच नारायण प्रसाद और उपसरपंच कृष्णा सिंह ने बकरे की बली दिलवाकर उसका मांस गांव वालों में बंटवा दिया। हैरानी की बात यह है कि करीब 400 ग्रामीणों ने उस बकरे का प्रसाद स्वरूप मांस खा लिया।

Rabid Dog Incident Ambikapur: मौत के प्रसाद से दहशत से सहमा पूरा गांव
जैसे ही यह खबर फैली कि बकरे को काटने वाला कुत्ता रेबीज से संक्रमित था, गांव में हड़कंप मच गया। लोगों के चेहरों पर डर साफ नजर आने लगा। महिलाएं अपने बच्चों को सीने से लगाए बैठी हैं, बुजुर्ग सहमे हुए हैं और हर किसी के मन में एक ही सवाल
अब हमारी जान बचेगी या नहीं?
Rabid Dog Incident Ambikapur: तुरंत मेडिकल कैंप लगाने की मांग
Rabid Dog Incident Ambikapur: रेबीज एक ऐसा संक्रमण है, जो लक्षण आने के बाद सीधे मौत की ओर ले जाता है। इसी डर से अब पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीण प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि तुरंत मेडिकल कैंप लगाया जाए और सभी 400 लोगों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन दिए जाएं। हालांकि इस मामले में सरपंच और उपसरपंच अब सवालों से बचते नजर आ रहे हैं। गांव में भय है, बेचैनी है और हर गुजरता पल डर को और गहरा कर रहा है। सरगंवा गांव आज एक पूजा नहीं, बल्कि मौत के साये से जूझ रहा है।
Rabid Dog Incident Ambikapur: मेडिकल रिपोर्ट और एंटी-रेबीज आकलन क्या कहते हैं ?
अंबिकापुर के ग्राम सरगंवा में सामने आए इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल साइंस की दृष्टि से स्थिति बेहद संवेदनशील और गंभीर मानी जा रही है। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, रेबीज संक्रमित कुत्ते द्वारा काटे गए जानवर से जुड़ा हर मामला हाई-रिस्क कैटेगरी में आता है।
Rabid Dog Incident Ambikapur: मेडिकल रिपोर्ट का आकलन
मेडिकल साइंस के अनुसार, रेबीज एक वायरल और जानलेवा बीमारी है, जो संक्रमित जानवर की लार (Saliva) के माध्यम से फैलती है।
अगर रेबीज संक्रमित कुत्ते ने किसी बकरे को काटा है।
तो बकरे के शरीर में वायरस प्रवेश की आशंका मानी जाती है।
विशेषकर काटने की जगह, नसों और मांसपेशियों में वायरस कुछ समय तक सक्रिय रह सकता है।
अगर ऐसे जानवर को बिना मेडिकल परीक्षण के काटा जाए और मांस का सेवन किया जाए, तो इसे संभावित एक्सपोज़र (Possible Exposure) माना जाता है। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे मामलों में “कोई जोखिम नहीं” मानना गलत है।
Rabid Dog Incident Ambikapur: एंटी-रेबीज रिपोर्ट और प्रोटोकॉल
स्वास्थ्य विभाग के एंटी-रेबीज गाइडलाइंस के अनुसार रेबीज संक्रमित या संदिग्ध जानवर से जुड़े हर व्यक्ति को एहतियातन एंटी-रेबीज वैक्सीन दी जानी चाहिए। चाहे काटने की घटना सीधे इंसान को न हुई हो, लेकिन संक्रमित मांस का सेवन भी जोखिम में गिना जाता है। ऐसे मामलों में Mass Anti-Rabies Vaccination (MARV) की सिफारिश की जाती है। इसी आधार पर मेडिकल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ग्राम सरगंवा के करीब 400 ग्रामीणों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन देना अनिवार्य है।
मेडिकल और एंटी-रेबीज रिपोर्ट का स्पष्ट संकेत है कि यह मामला साधारण नहीं बल्कि संभावित स्वास्थ्य आपात स्थिति का है।
लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए तुरंत मेडिकल कैंप, वैक्सीनेशन और निगरानी ही एकमात्र सुरक्षित रास्ता है।





