पुतिन भारत दौरा: दूसरे दिन भारत-रूस के बीच बड़ी आर्थिक और रणनीतिक सहमतियाँ

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BY: Yoganand Shrivastava

Contents
महत्वपूर्ण अपडेट्स1. आतंकवाद पर वैश्विक एकजुटता की जरूरत: प्रधानमंत्री मोदी2. ब्रिक्स और एससीओ में भारत-रूस की मजबूत साझेदारी: पुतिन3. रणनीतिक साझेदारी को और गहराई: पुतिन का बयान4. भारत की ओर से भव्य स्वागत पर पुतिन का आभारकुडनकुलम न्यूक्लियर प्रोजेक्ट पर बड़ा अपडेटद्विपक्षीय व्यापार पर प्रगतिपर्यटन क्षेत्र में बड़ा फैसलाआतंकवाद के खिलाफ साझेदारी को मजबूत करने पर सहमतिभारत-रूस दोस्ती: स्थिर और अटूटऊर्जा सुरक्षा और अहम मिनरल्स पर सहयोगसाझा बयान और महत्वपूर्ण समझौतेभारत-रूस के बीच इन क्षेत्रों में नए समझौते हुएशांति पर भारत का स्पष्ट रुखमहात्मा गांधी को पुतिन की श्रद्धांजलि

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने दो दिवसीय भारत दौरे पर हैं। शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक स्वागत किया गया, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इससे पहले गुरुवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं एयरपोर्ट पहुंचकर उनका स्वागत किया था। दोनों नेता एक ही वाहन से प्रधानमंत्री आवास पहुंचे, जहां महत्वपूर्ण विषयों पर अनौपचारिक चर्चा हुई। शुक्रवार का दिन भारत-रूस संबंधों के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रणनीतिक, आर्थिक, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े समझौतों पर गहन चर्चा हुई और कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सहमतियाँ बनीं।

महत्वपूर्ण अपडेट्स

1. आतंकवाद पर वैश्विक एकजुटता की जरूरत: प्रधानमंत्री मोदी

वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद मानवता पर हमला है और इसके खिलाफ पूरी दुनिया को एक स्वर में खड़ा होना होगा।

2. ब्रिक्स और एससीओ में भारत-रूस की मजबूत साझेदारी: पुतिन

पुतिन ने कहा कि भारत और रूस स्वतंत्र तथा संतुलित विदेश नीति को आगे बढ़ाते हुए ब्रिक्स, एससीओ और अन्य मंचों पर मिलकर काम कर रहे हैं।

3. रणनीतिक साझेदारी को और गहराई: पुतिन का बयान

पुतिन ने कहा कि बीते कई दशकों से रूस भारतीय सेना को आधुनिक बनाने में सहयोग करता रहा है। वर्तमान वार्ता और समझौते रणनीतिक साझेदारी को अगले चरण में ले जाएंगे।

4. भारत की ओर से भव्य स्वागत पर पुतिन का आभार

उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी को गर्मजोशी भरे स्वागत और अतिथि-सत्कार के लिए धन्यवाद दिया।

कुडनकुलम न्यूक्लियर प्रोजेक्ट पर बड़ा अपडेट

पुतिन ने बताया कि कुडनकुलम में भारत का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र बनाया जा रहा है। छह रिएक्टरों में से दो रिएक्टर चिंरग कर ग्रिड से जुड़ चुके हैं और शेष चार पर तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर, फ्लोटिंग न्यूक्लियर प्लांट और मेडिकल–एग्रीकल्चर क्षेत्र में परमाणु तकनीक पर भी सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई।

द्विपक्षीय व्यापार पर प्रगति

पुतिन के अनुसार पिछले वर्ष भारत-रूस व्यापार में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई और यह एक नया रिकॉर्ड है। इस वर्ष भी मजबूत व्यापार वृद्धि की उम्मीद है।

पर्यटन क्षेत्र में बड़ा फैसला

प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि रूस के नागरिकों के लिए 30 दिन का फ्री ई-टूरिस्ट वीजा और ग्रुप टूरिस्ट वीजा जल्द शुरू किया जाएगा। इससे दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और पर्यटन में तेजी आने की आशा है।

आतंकवाद के खिलाफ साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति

मोदी ने कहा कि भारत और रूस वर्षों से आतंकवाद के खिलाफ साथ खड़े हैं। पहलगाम और क्रोकस सिटी हॉल जैसे हमले इस खतरे की गंभीरता को दिखाते हैं। अंतरराष्ट्रीय मंचों—UN, G20, BRICS, SCO—माें दोनों देशों का सहयोग जारी रहेगा।

भारत-रूस दोस्ती: स्थिर और अटूट

मोदी ने कहा कि बीते आठ दशकों में दुनिया में कई बदलाव आए, लेकिन भारत-रूस की दोस्ती हमेशा स्थिर रही और आज भी ध्रुव तारे की तरह मजबूत है।

ऊर्जा सुरक्षा और अहम मिनरल्स पर सहयोग

मोदी ने बताया कि ऊर्जा सुरक्षा हमारी साझेदारी का मजबूत स्तंभ है।
न्यूक्लियर ऊर्जा, अहम खनिजों और जहाज निर्माण में साझेदारी “विन-विन” मॉडल पर आधारित है, जो उद्योग, नौकरियों और कौशल विकास को बढ़ावा देगी।

साझा बयान और महत्वपूर्ण समझौते

वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में बताया गया कि—

भारत-रूस के बीच इन क्षेत्रों में नए समझौते हुए

  1. खाद्य सुरक्षा
  2. केमिकल सेक्टर
  3. उर्वरक आपूर्ति
  4. स्वास्थ्य क्षेत्र

दोनों देशों ने विशेष रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने का संकल्प दोहराया।

शांति पर भारत का स्पष्ट रुख

मोदी ने कहा कि भारत “न्यूट्रल” नहीं बल्कि “शांति के पक्ष में दृढ़तापूर्वक खड़ा” है। यूक्रेन संकट पर रूस से लगातार संवाद जारी है और सभी समाधान शांति के मार्ग से खोजे जाने चाहिए।

महात्मा गांधी को पुतिन की श्रद्धांजलि

राजघाट पर श्रद्धांजलि देने के बाद पुतिन ने आगंतुक पुस्तिका में लिखा कि
गांधीजी के विचार आज भी दुनिया के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने समानता, सहयोग और मानवता पर आधारित विश्व व्यवस्था की कल्पना की थी, जिसके सिद्धांतों की रक्षा भारत और रूस मिलकर कर रहे हैं।