by: vijay nandan
नई दिल्ली: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक को लेकर रूसी मीडिया ने बड़ा बयान दिया है। रूसी रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत–रूस की बढ़ती निकटता ने यूरोपीय देशों और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को असहज कर दिया है।

मॉस्को आधारित कई मीडिया चैनलों ने कहा कि यूक्रेन युद्ध के बीच भारत और रूस के रणनीतिक रिश्ते और मज़बूत हुए हैं, जिससे पश्चिमी देशों की चिंताएँ बढ़ गई हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पश्चिम लगातार भारत पर रूस से दूरी बनाने का दबाव डाल रहा है, लेकिन पुतिन का यह दौरा संदेश देता है कि भारत अपने स्वतंत्र कूटनीतिक निर्णयों पर कायम है।
❗️Putin: Indian Phrase ‘Go Together, Grow Together’ Truly Reflects the Nature and Character of 🇷🇺-🇮🇳 Relations pic.twitter.com/OOdN1IinC4
— RT_India (@RT_India_news) December 5, 2025
रूसी मीडिया ने पुतिन–मोदी मीटिंग को “पॉवरफुल स्ट्रैटेजिक शिफ्ट” बताते हुए कहा है कि दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा और व्यापार पर सहयोग नए स्तर पर पहुँच सकता है। इसके साथ ही, विश्लेषणों में बताया गया कि यूरोपीय यूनियन भारत की रूस-हितैषी नीतियों से पहले ही नाराज़ है, और अब यह मुलाक़ात उनके लिए “कूटनीतिक झटका” मानी जा रही है।
पुतिन के भारत दौरे को रूस ने एशिया में अपने प्रभाव को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।





