Report by: Sunil Shirsat
Pune: पुणे स्थित प्रसिद्ध श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर में इस वर्ष भी भव्य ‘अंगूर महोत्सव’ का आयोजन किया गया। श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई सर्वजीवन गणपति ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस विशेष उत्सव में मंदिर के बड़े हॉल और ऑडिटोरियम को काले, हरे और लाल अंगूरों से आकर्षक रूप से सजाया गया।
नासिक में सह्याद्री फार्म कंपनी के किसानों द्वारा उगाए गए 2,000 किलो एक्सपोर्ट-ग्रेड और केमिकल-फ्री अंगूर भगवान गणपति को अर्पित किए गए। यह अनूठा आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
Pune: ट्रस्ट पदाधिकारी और किसान प्रतिनिधि रहे मौजूद
इस अवसर पर ट्रस्ट के प्रेसिडेंट सुनील रसाने, ट्रेजरर महेश सूर्यवंशी, सह्याद्री फार्म के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर विलास शिंदे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

ट्रस्ट की ओर से जानकारी दी गई कि अर्पित किए गए अंगूर बाद में भक्तों को प्रसाद के रूप में वितरित किए जाएंगे। साथ ही अनाथालयों, वृद्धाश्रमों और ससून अस्पताल में भी यह प्रसाद पहुंचाया जाएगा। सुबह से ही सभा हॉल में इस विशेष सजावट को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही।
Pune: आस्था, कृषि और समाज सेवा का संगम
अंगूर के मौसम में पिछले कुछ वर्षों से मंदिर में इस तरह का आयोजन किया जा रहा है। वर्तमान में सह्याद्री फार्म से 22,000 किसान जुड़े हुए हैं और इसे भारत की सबसे बड़ी अंगूर निर्यातक कंपनी माना जाता है।
पिछले पांच वर्षों से जारी यह पहल अब आस्था, कृषि और समाज सेवा का सुंदर संगम बन चुकी है। ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील रसाने ने कहा कि यह चढ़ावा अंगूर के मौसम की शुरुआत में विघ्नहर्ता का आशीर्वाद प्राप्त करने और किसानों के लिए अच्छी आय की कामना के उद्देश्य से चढ़ाया जाता है।
Pune: प्रसाद के रूप में होगा सामाजिक वितरण
ट्रस्ट के अनुसार, गणेश आरास के तुरंत बाद ताजे अंगूर भक्तों में वितरित किए जाएंगे। इसके अलावा अनाथालयों, वृद्धाश्रमों और धर्मार्थ संस्थाओं को भी यह प्रसाद दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य धार्मिक भावना के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को भी मजबूत करना है।
Pune: आयुर्वेद में अंगूर का विशेष महत्व
ट्रेजरर महेश सूर्यवंशी ने बताया कि आयुर्वेद में अंगूर को स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है। अंगूर पोटैशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम और विटामिन C का अच्छा स्रोत है। यह हृदय रोग के खतरे को कम करने, हीमोग्लोबिन बढ़ाने और पाचन सुधारने में सहायक होता है।
अंगूर में मौजूद फाइबर कब्ज की समस्या से राहत देता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। यही कारण है कि इस प्रसाद को अस्पतालों और जरूरतमंद संस्थानों में भी वितरित किया जाएगा।





