BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली: नेपाल में भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शन और हिंसा के बीच देशभर की जेलों से 13,000 से अधिक कैदी फरार हो गए हैं। इनमें से कई कैदी अब भारत की सीमा की ओर भाग रहे हैं। सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने अब तक 35 फरार कैदियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 22 कैदी उत्तर प्रदेश की सीमा पर, 10 बिहार में और 3 पश्चिम बंगाल में पकड़े गए हैं।
विरोध प्रदर्शन और ओली का इस्तीफा
नेपाल में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया प्रतिबंध के विरोध में शुरू हुए प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास, सरकारी कार्यालयों और राजनीतिक दलों के मुख्यालयों में आग लगा दी। प्रधानमंत्री के.पी. ओली को भी इस्तीफा देना पड़ा।
SSB के एक अधिकारी ने बताया, “कैदियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और हम सतर्कता बनाए हुए हैं।” सोमवार को हुए प्रदर्शनों में पुलिस की कार्रवाई में 20 से अधिक लोग मारे गए थे। ओली के इस्तीफे के बाद भी देश में स्थिति अस्थिर रही, और नेपाल की सेना ने कर्फ्यू और प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए।
जेलों में हिंसा और कैदियों की भागमभाग
प्रदर्शनकारियों की अफरा-तफरी का फायदा उठाकर कई कैदियों ने जेलों से भागने की कोशिश की। नेपाल के बांके जिले के नौबस्ता बाल सुधार गृह में मंगलवार को कैदियों ने सुरक्षा कर्मियों के हथियार छीनने की कोशिश की, जिसमें 5 किशोर कैदी मारे गए।
देशभर की जेलों से 13,000 से अधिक कैदी फरार हुए हैं, जिनमें से कुछ भारत की ओर भागे। इससे भारत-नेपाल सीमा पर SSB की सतर्कता बढ़ा दी गई है।
वर्तमान स्थिति
ओली के इस्तीफे के बाद नेपाल में अंतरिम सरकार के गठन की तैयारी चल रही है। संभावित अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में सुप्रीम कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को प्रस्तावित किया गया है। फिलहाल देश में आंशिक शांति है, लेकिन सीमा पर निगरानी कड़ी कर दी गई है।





