कच्चा तेल तस्करी के आरोप में गिरफ्तारी
Pratapgarh प्रतापगढ़ जिले के कुंडा क्षेत्र से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। मर्चेंट नेवी में चीफ ऑफिसर के पद पर कार्यरत अनिल कुमार सिंह को ईरान सरकार ने जेल भेज दिया है। परिजनों के अनुसार, दुबई से संचालित एमटी वैलियंट रोअर नामक जहाज को ईरानी सैनिकों ने जांच के दौरान रोका था। आरोप है कि जहाज पर कच्चे तेल की तस्करी का संदेह जताते हुए कार्रवाई की गई, जिसके बाद अनिल सिंह सहित 10 भारतीय अधिकारियों को जेल भेज दिया गया। अनिल सिंह वर्ष 2009 से मर्चेंट नेवी में सेवाएं दे रहे हैं।

जहाज जब्ती और हिरासत की पूरी कहानी
Pratapgarh अनिल सिंह के बेटे रितुराज सिंह ने बताया कि 8 दिसंबर को ईरानी सैनिकों ने जहाज को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन गलतफहमी के चलते जहाज आगे बढ़ गया। इसके बाद सैनिकों ने फायरिंग कर जहाज को कब्जे में लिया और सभी अधिकारियों को बंधक बना लिया। करीब चार दिन बाद अनिल सिंह को परिजनों से संपर्क की अनुमति मिली। 8 जनवरी को उन्होंने फोन कर बताया कि उन्हें ईरान की जेल में डाल दिया गया है। परिजनों का कहना है कि पहले सभी को करीब एक माह तक जहाज पर ही रोके रखा गया, बाद में डीजल स्मगलिंग का आरोप लगाकर जेल भेजा गया।

डीएम से लेकर प्रधानमंत्री तक गुहार
Pratapgarh अनिल सिंह की पत्नी गायत्री सिंह ने पति की गिरफ्तारी को बेबुनियाद बताते हुए प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय से रिहाई की अपील की है। शुक्रवार को वह अपने बेटे के साथ प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी से मिलने डीएम आवास पहुंचीं और मदद की गुहार लगाई। गायत्री सिंह का आरोप है कि ईरानी सैनिकों ने जहाज पर हमला कर जबरन कब्जा किया और झूठे आरोपों में उनके पति को जेल भेजा गया। परिवार का कहना है कि अब तक केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय को भेजे गए पत्रों का कोई जवाब नहीं मिला है, जिससे परिजन गहरे तनाव में हैं।
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