सोशल मीडिया की ताकत: डीएसपी की रील से 7 महीने बाद परिजनों से मिला गुमशुदा बेटा

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BY: Yoganand Shrivastva

ग्वालियर रेलवे स्टेशन से 7 महीने पहले लापता हुआ युवक आखिरकार अपने माता-पिता से मिल गया – और यह मुमकिन हुआ एक सोशल मीडिया रील के ज़रिए। युवक का नाम निर्भय है, जो मानसिक रूप से थोड़ा कमजोर है। वह दिसंबर 2024 में अपने पिता के साथ इलाज के लिए आगरा जा रहा था, लेकिन ग्वालियर स्टेशन पर अचानक लापता हो गया।


आश्रम में फादर्स डे पर हुई मुलाकात

डीएसपी संतोष पटेल 15 जून को अपने बेटे के साथ ग्वालियर के स्वर्ग सदन आश्रम में फादर्स डे मनाने पहुंचे। यहीं उन्होंने निर्भय से बातचीत की और उसकी भाषा व उच्चारण से अंदाजा लगाया कि वह चित्रकूट इलाके का हो सकता है। उन्होंने उसके साथ एक वीडियो रील बनाई, जिसे 27 जून को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।


वायरल हुई रील और जुड़ गया टूटे परिवार का रिश्ता

रील के वायरल होते ही ढाई घंटे में 10 लाख से ज्यादा व्यूज मिले। इसे चित्रकूट जिले के सपहा गांव में रहने वाले निर्भय के मौसेरे भाई ने भी देखा और डीएसपी से संपर्क किया। अगले ही दिन, यानी 28 जून को निर्भय के माता-पिता और रिश्तेदार 400 किलोमीटर दूर से ग्वालियर पहुंचे और अपने बेटे को पहचान लिया।


ग्वालियर स्टेशन पर बिछड़े थे

निर्भय के पिता लक्ष्मी प्रसाद ने बताया कि वो दिसंबर में आगरा से लौट रहे थे। ग्वालियर स्टेशन पर ट्रेन बदलने के दौरान जब वह पानी लेने गए, तब तक निर्भय गायब हो गया। उन्होंने GRP में गुमशुदगी की सूचना दी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।


आश्रम में बिताए सात महीने

पुलिस को निर्भय सड़क पर लावारिस हालत में मिला था। वह मानसिक रूप से कमजोर था और सिर्फ अपना नाम बता पा रहा था। पहले उसे नाबालिग समझा गया, लेकिन मेडिकल जांच में बालिग निकला। उसे स्वर्ग सदन आश्रम भेजा गया, जहां संस्था प्रमुख विकास गोस्वामी और उनकी टीम ने उसकी देखभाल की।


आश्रम से विदा लेते हुए भावुक हुआ निर्भय

28 जून को जब निर्भय ने मां और पिता को देखा, तो वो दौड़कर गले लग गया और रोने लगा। आश्रम के साथी भी भावुक हो उठे, क्योंकि पिछले 7 महीनों में वह वहां सबका प्रिय बन गया था। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद परिवार उसे चित्रकूट के सपहा गांव ले गया।


मां बोलीं: “भगवान पर भरोसा था, बेटा लौटेगा”

गायत्री देवी, निर्भय की मां ने भावुक होते हुए कहा,

“मुझे पूरा यकीन था कि मेरा बेटा एक दिन जरूर वापस लौटेगा। भगवान ने मेरी सुन ली।”

पिता लक्ष्मी प्रसाद ने कहा,

“जब उसका जन्म हुआ था तब इतनी खुशी नहीं हुई थी, जितनी आज उसे दोबारा पाकर हो रही है।”


धन्यवाद डीएसपी और आश्रम को

परिवार ने डीएसपी संतोष पटेल और स्वर्ग सदन के विकास गोस्वामी का विशेष धन्यवाद किया। उनकी बदौलत ही एक टूटा रिश्ता फिर जुड़ सका


जब बिछड़े फिर मिलते हैं…

विकास गोस्वामी ने कहा,

“हमारा मकसद सिर्फ एक है – जो लोग रास्ता भटक गए हैं, उन्हें दोबारा उनकी दुनिया में वापस पहुंचाना।”

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