BY: Yoganand Shrivastva
इंदौर शहर से एक बेहद दुखद और संवेदनशील खबर सामने आई है। लसूड़िया थाना क्षेत्र में एक हेड कॉन्स्टेबल ने गंभीर बीमारी से तंग आकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे रेलवे ट्रैक पर एक शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची टीम ने शिनाख्त की, तो मृतक की पहचान हेड कॉन्स्टेबल जितेंद्र चौहान के रूप में हुई।
बीमारी से जूझ रहे थे, तनाव में थे
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 45 वर्षीय जितेंद्र चौहान पिछले दो सालों से कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त थे। लगातार बिगड़ती तबीयत और शारीरिक कष्टों के चलते वे मानसिक तनाव में आ गए थे।
टीआई तारेश सोनी के अनुसार, यह घटना कैलाद हाला इलाके के रेलवे ट्रैक की है, जहां उनका शव ट्रेन से कटा हुआ पाया गया।
कुछ देर में लौटने की बात कहकर निकले थे
घर से निकलते समय जितेंद्र ने परिवार वालों से कहा था कि वे थोड़ी देर में लौट आएंगे, लेकिन वे फिर कभी वापस नहीं आए। यह बात उनके परिजनों के लिए बेहद दर्दनाक बन गई है।
लगातार स्थानांतरण, छुट्टी और तनाव
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जितेंद्र चौहान ने कई थानों में सेवा दी थी। पहले वे सेन्ट्रल कोतवाली में पदस्थ थे और जावरा कंपाउंड क्षेत्र में रहते थे। बाद में वे स्कीम नंबर 114 में शिफ्ट हुए। कुछ समय पूर्व उनका स्थानांतरण जोन-2 और डीसीपी SIT टीम में हुआ था। इसके बाद उनका तबादला कनाड़िया थाना हुआ, लेकिन बीमारी के चलते वे वहां केवल 10 दिन ही कार्यरत रह सके।
स्थिति को देखते हुए उन्होंने खुद को पुलिस लाइन में ट्रांसफर करवा लिया था और इसके बाद लंबी छुट्टी पर चले गए थे।
परिवार में पत्नी और तीन बच्चे
इस दर्दनाक घटना के बाद चौहान अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गए हैं। यह परिवार अब गहरे शोक में है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है।





