Pakistan News : नई दिल्ली, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने देश की संसद में अमेरिका के साथ रिश्तों पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि वॉशिंगटन ने अपने रणनीतिक हित साधने के लिए पाकिस्तान का उपयोग किया और बाद में उसे नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि अफगान युद्धों में पाकिस्तान की भागीदारी एक गंभीर भूल थी, जिसके परिणाम आज भी देश झेल रहा है।
Pakistan News : देश के भीतर हिंसा, कट्टरता और आर्थिक दबाव बढ़ा।
Pakistan News : नेशनल असेंबली में संबोधन के दौरान आसिफ ने कहा कि 1999 के बाद, खासकर 11 सितंबर 2001 के हमलों के पश्चात अमेरिका के साथ दोबारा नजदीकियां बढ़ाने की कीमत पाकिस्तान को भारी पड़ी। उनके अनुसार, अमेरिकी नेतृत्व वाले अफगान अभियान में शामिल होने से देश के भीतर हिंसा, कट्टरता और आर्थिक दबाव बढ़ा।

रक्षा मंत्री ने यह भी माना कि अतीत में पाकिस्तान ने अपनी भूमिका से आंखें मूंदे रखीं और कई बार आतंकवाद की जड़ों को स्वीकारने से बचता रहा। उन्होंने कहा कि अफगान संघर्ष में शामिल होना धार्मिक दायित्व नहीं था, बल्कि तत्कालीन सैन्य शासकों के राजनीतिक निर्णयों का परिणाम था। जिया-उल-हक और परवेज मुशर्रफ के दौर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय लिए गए फैसलों ने देश को लंबे समय तक अस्थिरता की ओर धकेला।
Pakistan News : “जिहाद” के नाम पर लड़ाई में भेजना एक भ्रामक और नुकसानदेह नीति थी
आसिफ ने संसद में यह भी स्वीकार किया कि “जिहाद” के नाम पर लोगों को लड़ाई में भेजना एक भ्रामक और नुकसानदेह नीति थी। उनके मुताबिक, आतंकवाद आज उन्हीं गलत रणनीतियों की देन है और इससे हुए नुकसान की भरपाई आसान नहीं है।
उन्होंने कहा कि अब वक्त है कि पाकिस्तान अपने अतीत का ईमानदारी से आकलन करे और भविष्य के लिए संतुलित तथा जिम्मेदार विदेश नीति अपनाए।
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