BY: Yoganand Shrivastva
लाहौर। पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई के लिए तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी ने देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत कर दी है। हालांकि पार्टी ने पहले इसकी घोषणा 5 अगस्त से करने की बात कही थी, लेकिन अब यह आंदोलन उससे पहले ही शुरू हो गया है। लाहौर से इस मुहिम का अनौपचारिक आगाज हो चुका है, और पुलिस इसको लेकर पूरी तरह अलर्ट हो गई है।
लाहौर में विरोध की शुरुआत, पुलिस की सख्ती भी तेज
PTI की इस मुहिम का नेतृत्व खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर कर रहे हैं। वह शनिवार रात पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ लाहौर पहुंचे और इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर विरोध शुरू कर दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह विरोध अब रायविंड के एक फार्महाउस से संचालित किया जा रहा है, जो शरीफ परिवार के आवास के पास स्थित है।
इस बीच, पुलिस ने आंदोलन को दबाने की कोशिश में लाहौर के अलग-अलग हिस्सों से करीब 20 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर पुलिस ने इन गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया के अनुसार, कई PTI समर्थकों को दबाव बनाने के लिए पकड़ा गया है।
क्यों हो रही है इमरान की रिहाई की मांग?
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उन पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिसके चलते उन्हें न्यायिक हिरासत में रखा गया है। उनकी पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ का दावा है कि यह सब राजनीतिक साजिश के तहत किया गया है और इमरान खान को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है।
इसी के खिलाफ PTI ने पहले 5 अगस्त से एक देशव्यापी आंदोलन की योजना बनाई थी, लेकिन अब इस अभियान की शुरुआत पहले ही हो चुकी है। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक इमरान खान को रिहा नहीं किया जाता।
PTI का बड़ा दावा और रणनीति
अली अमीन गंडापुर ने लाहौर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “जब भी किसी आंदोलन की शुरुआत लाहौर से होती है, वह पूरे देश में असर करता है। इस बार भी हमारी मुहिम देशभर में फैलकर बड़ा जन आंदोलन बनेगी।”
उन्होंने कार्यकर्ताओं से 5 अगस्त तक इस अभियान को और तेज करने का आह्वान किया, ताकि शहबाज शरीफ सरकार और सैन्य नेतृत्व पर इमरान खान को रिहा करने का दबाव डाला जा सके।
पुलिस की कार्रवाई पर PTI का आरोप
PTI प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि बीते कुछ दिनों से पंजाब पुलिस उनके कार्यकर्ताओं के घरों पर छापेमारी कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कार्यकर्ताओं को डराने और आंदोलन में शामिल होने से रोकने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी कार्यकर्ता की आधिकारिक गिरफ्तारी नहीं हुई है।





