BY: Yoganand Shrivastva
श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले के बाद पूरे देश में आक्रोश की लहर है। इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई, जिनमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल थे। घटना के बाद सरकार से लेकर आम जनता तक, सभी आतंकियों को कड़ी सज़ा की मांग कर रहे हैं। ऐसे माहौल में एक ऐसा बयान सामने आया है जिसने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
दरअसल, पहलगाम हमले के मुख्य आरोपी लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर आदिल थोकर उर्फ आदिल गुरी की मां शहजिदा ने कहा है कि यदि उनका बेटा इस हमले में संलिप्त है, तो उसे सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए।
“बेगुनाहों की हत्या माफ़ी के काबिल नहीं” – आदिल की मां
“पहलगाम में जो हमला हुआ, वह बेहद गलत है। वहां जो लोग मारे गए, वो निर्दोष थे। यदि मेरा बेटा भी उसमें शामिल है तो उसे भी ऐसी ही सज़ा मिलनी चाहिए, जैसी किसी आतंकवादी को मिलनी चाहिए।”
उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों ने बीती रात उनके घर पर रेड की और उसके बाद घर को उड़ा दिया गया। उनका कहना था कि आतंकवाद को कोई समर्थन नहीं मिलना चाहिए, चाहे वह कोई भी क्यों न हो।
पाकिस्तान में ली थी आतंकी ट्रेनिंग
सूत्रों के अनुसार, आदिल ने 2018 में वैध वीज़ा के ज़रिए पाकिस्तान की यात्रा की थी, जहां उसने आतंकी संगठनों से ट्रेनिंग प्राप्त की। इसके बाद वह पिछले वर्ष भारत लौटा और घाटी में फिर से सक्रीय हो गया। उसका नाम पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी सूची में था।
आदिल का घर किया गया ध्वस्त
आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में बिजबेहरा के गुरी गांव में स्थित आदिल का घर सुरक्षा बलों द्वारा ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई आतंकी ठिकानों के खिलाफ चल रही व्यापक मुहिम का हिस्सा है, जिसमें सुरक्षाबलों द्वारा आतंकियों के आर्थिक और भौतिक आधार को खत्म किया जा रहा है।
26 लोगों की दर्दनाक मौत
यह हमला मंगलवार, 22 अप्रैल को हुआ था, जब चार हथियारबंद आतंकियों ने पर्यटकों पर हमला किया। चश्मदीदों के मुताबिक, आतंकियों ने पहले पुरुषों से उनका धर्म पूछा और फिर उन्हें निशाना बनाया, जबकि महिलाओं और बच्चों को छोड़ दिया गया। माना जा रहा है कि यह हमला केवल भय फैलाने के लिए नहीं, बल्कि सांप्रदायिक नफरत भड़काने के उद्देश्य से किया गया।
सुरक्षा में चूक पर उठे सवाल
घटना स्थल वह इलाका था, जो पहले पर्यटकों के लिए प्रतिबंधित था। सरकार के अनुसार, उस क्षेत्र को स्थानीय प्रशासन ने बिना केंद्र और सेना की जानकारी के खोल दिया था, जिससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई। अब इस मामले में ज़िम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की बात चल रही है।
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