नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा को लेकर प्रशासन और यमुना प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। अब एयरपोर्ट के 20 किलोमीटर के दायरे में ढाई मंजिल (लगभग 9 मीटर) से ऊंची इमारतों के निर्माण पर रोक लगा दी गई है।
यह फैसला नागरिक उड्डयन मंत्रालय की गाइडलाइंस को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे एयरपोर्ट की सुरक्षा में कोई बाधा न आए।
गांवों में मुनादी के ज़रिए दी जाएगी जानकारी
प्रशासन अब इस प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी कराएगा। मुनादी के दौरान यह जानकारी दी जाएगी:
- ढाई मंजिल से अधिक ऊंचा कोई निर्माण न करें।
- बिना अनुमति बनाए गए निर्माण तुरंत तोड़े जाएंगे।
- आबादी क्षेत्र में भी यदि ऊंचा निर्माण जरूरी हो, तो यमुना प्राधिकरण से एनओसी (NOC) लेना होगा।
बिल्डर फ्लोर जैसे अवैध निर्माण होंगे बैन
यह नियम उन इलाकों पर भी लागू होगा जहां अब तक बिल्डर फ्लोर और बहुमंजिला इमारतें अवैध रूप से बनती रही हैं। नए नियम का मकसद ऐसे निर्माणों पर रोक लगाना है।
यमुना प्राधिकरण की मंजूरी अनिवार्य
अब एयरपोर्ट के दायरे में आने वाले किसी भी गांव या इलाके में अगर किसी को नया निर्माण करना है, तो:
- यमुना प्राधिकरण से पहले अनुमति लेनी होगी।
- बिना एनओसी (No Objection Certificate) के कोई भी निर्माण गैरकानूनी माना जाएगा।
- अनुमति न मिलने पर निर्माण तोड़ने की कार्यवाही की जाएगी।
प्राधिकरण और प्रशासन की संयुक्त कार्यवाही
- नोएडा एयरपोर्ट की सीईओ किरण जैन पहले ही इस बारे में पब्लिक नोटिस जारी कर चुकी हैं।
- डीएम मनीष वर्मा के निर्देश पर अब इस नियम को जमीनी स्तर पर लागू किया जाएगा।
- प्राधिकरण और प्रशासन मिलकर मुनादी और निरीक्षण का अभियान चलाएंगे।
नोएडा एयरपोर्ट क्षेत्र में ऊंची इमारतों पर रोक का फैसला न सिर्फ सुरक्षा के लिहाज से अहम है, बल्कि अवैध निर्माण को भी रोकने की दिशा में एक ठोस कदम है। यदि आप इस क्षेत्र में निर्माण की योजना बना रहे हैं, तो पहले यमुना प्राधिकरण से अनुमति लेना अनिवार्य है।





