MBBS Stipend : स्टाइपेंड नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, अलग-अलग राज्यों के 7 मेडिकल कॉलेजों पर ₹1-1 करोड़ का जुर्माना
by: digital desk
MBBS Stipend : नई दिल्ली, भोपाल के जातखेड़ी स्थित RKDF Medical College Hospital & Research Centre पर नेशनल मेडिकल कमीशन ने बड़ी कार्रवाई की है। स्टाइपेंड नियमों के उल्लंघन के मामले में इस कॉलेज पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सिर्फ RKDF ही नहीं, देशभर के कुल 7 मेडिकल कॉलेज NMC की इस कार्रवाई की जद में आए हैं, जहां जूनियर डॉक्टरों को तय मानकों के अनुसार स्टाइपेंड नहीं दिया जा रहा था। NMC की इस सख्ती के बाद मेडिकल शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं… आखिर क्यों बार-बार नियमों की अनदेखी हो रही है, और इसका खामियाजा भुगत रहे हैं भविष्य के डॉक्टर?
MBBS Stipend : ये है पूरा मामला
NMC के अंडर-ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (UGMEB) ने पहले ही 11 जुलाई 2025 को सभी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया था कि वे इंटर्न और PG रेजिडेंट्स को दिए जाने वाले स्टाइपेंड की जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करें। इसका उद्देश्य स्टाइपेंड भुगतान में पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित करना था।
हालांकि, आयोग ने पाया कि कई संस्थानों ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया। पर्याप्त समय और कई बार रिमाइंडर देने के बावजूद 7 मेडिकल कॉलेजों ने आवश्यक जानकारी साझा नहीं की।

MBBS Stipend : नियमों का उल्लंघन और कानूनी आधार
NMC के अनुसार, यह लापरवाही राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम 2019 और संबंधित नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेशों से भी जुड़ा है, जिसमें इंटर्न और रेजिडेंट्स को स्टाइपेंड देना अनिवार्य किया गया है।
यह आदेश खासतौर पर दो मामलों के संदर्भ में लागू किया गया था।
स्टेट ऑफ उत्तर प्रदेश बनाम भावना तिवारी केस
अभिषेक यादव बनाम आर्मी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज केस
MBBS Stipend : कितना लगा जुर्माना?
NMC ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक दोषी मेडिकल कॉलेज पर ₹1 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई मेडिकल संस्थानों की जवाबदेही तय करने के लिए की गई है।
MBBS stipend : NMC द्वारा दंडित 7 मेडिकल कॉलेजों की सूची
- Akash Institute of Medical Sciences & Research Centre, देवनहल्ली, बेंगलुरु (कर्नाटक)
- Dumka Medical College, दुमका (झारखंड)
- Government Medical College, बाड़मेर (राजस्थान)
- Government Medical College, ओंगोल (आंध्र प्रदेश)
- RKDF Medical College Hospital & Research Centre, जातखेड़ी, भोपाल (मध्य प्रदेश)
- Prasad Institute of Medical Sciences, लखनऊ (उत्तर प्रदेश)
- Pt. B.D. Sharma Postgraduate Institute of Medical Sciences (PGIMS), रोहतक (हरियाणा) MBBS stipend : आगे और सख्ती के संकेत
आयोग ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में भी स्टाइपेंड भुगतान और उसकी जानकारी सार्वजनिक करने में लापरवाही जारी रहती है, तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें शामिल हो सकते हैं..
- एडमिशन पर रोक
- मान्यता या अनुमति का निलंबन
- अन्य दंडात्मक कदम
MBBS stipend : NMC का सख्त संदेश
NMC ने इस मामले को गंभीर उल्लंघन बताते हुए साफ किया है कि मेडिकल शिक्षा में पारदर्शिता और छात्रों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई देशभर के मेडिकल कॉलेजों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है कि इंटर्न और रेजिडेंट्स के अधिकारों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्टाइपेंड भुगतान से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा।
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