BY: Yoganand Shrivastva
दिल्ली: ब्लास्ट केस से जुड़ी जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में सोमवार को लखनऊ के कंधारी बाजार स्थित डॉक्टर शाहीन के घर पर एनआईए की टीम ने छापेमारी की। आठ अधिकारियों की इस टीम ने घर में मौजूद डॉक्टर शाहीन के पिता और भाई से विस्तृत पूछताछ की।
यह वही घर है जहां 11 नवम्बर को जम्मू पुलिस और यूपी एटीएस ने भी तलाशी ली थी। डॉक्टर शाहीन को व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल में शामिल होने के आरोप में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वह लाल किले के पास हुए धमाके की आरोपी है। जांच एजेंसियों के अनुसार, शाहीन अन्य महिलाओं को भी धमाकों के लिए जोड़ने की कोशिश कर रही थी।
फरीदाबाद पुलिस के सूत्रों का दावा
फरीदाबाद पुलिस के सूत्रों ने बताया कि पूछताछ में डॉक्टर शाहीन ने स्वीकार किया कि उसने आतंकी गतिविधियों के लिए महिलाओं की भर्ती की योजना बनाई थी।
एनआईए की टीम ने अल-फलाह विश्वविद्यालय स्थित उसके छात्रावास के कमरे से 18.5 लाख रुपये नकद, सोने के बिस्कुट और विदेशी मुद्रा बरामद की। इससे पहले इसी सप्ताह डॉक्टर मुजम्मिल को पहचान के लिए विश्वविद्यालय लाया गया था और जल्द ही डॉ. आदिल अहमद को भी इसी प्रक्रिया के लिए लाया जा सकता है।
चार साल सऊदी अरब में भी काम कर चुकी है शाहीन
जांच में यह भी सामने आया है कि डॉक्टर शाहीन 2014 से 2018 तक सऊदी अरब में एक मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर रही थी। विश्वविद्यालय परिसर में हुई पूछताछ के दौरान एनआईए की टीम शाहीन को मेडिकल वार्ड, कक्षाओं और उसके ऑफिस तक लेकर गई, ताकि उसकी गतिविधियों और संपर्कों की जानकारी जमा की जा सके।
सूत्रों ने यह भी बताया कि टीम शाहीन को उस केमिकल दुकान पर भी ले गई जहां से डॉ. मुजम्मिल ने कथित तौर पर विस्फोटक सामग्री खरीदी थी। करीब चार घंटे की तलाशी और पूछताछ के बाद एनआईए की टीम शाहीन को रात नौ बजे के आसपास वापस दिल्ली ले गई। जांच एजेंसी अब उसके संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की गहराई से पड़ताल कर रही है।





