सरकार का ध्यान खींचने निकाली रैली
बेमेतरा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर लगातार अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। नियमितीकरण, ग्रेड पे और 27% लंबित वेतन वृद्धि जैसी मांगों को लेकर कर्मचारी अनिश्चितकालीन आंदोलन पर डटे हुए हैं।
जय स्तंभ चौक से निकली रैली
बेमेतरा के जय स्तंभ चौक स्थित धरना स्थल से एनएचएम कर्मचारियों ने हाथों में तख्तियां, बैनर और “मोदी की गारंटी” लिखी पट्टिकाओं के साथ रैली निकाली। कर्मचारियों ने आम जनता को अपनी समस्याओं और मांगों से अवगत कराया। महिला कर्मचारियों ने भी तीजा पर्व परंपरागत तरीके से मनाते हुए धरना स्थल पर रहकर आंदोलन को समर्थन दिया।
स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई
कर्मचारियों के आंदोलन के चलते उप स्वास्थ्य केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। मरीजों को आवश्यक सुविधाएं समय पर नहीं मिल पा रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इसका जिम्मेदार उनका आंदोलन नहीं बल्कि शासन का अड़ियल रवैया है।
कर्मचारी नेताओं का बयान
एनएचएम कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष पूरन दास और प्रवक्ता बृजेश दुबे ने साफ कहा कि जब तक नियमितीकरण, ग्रेड पे और वेतन वृद्धि की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शासन ने जल्द ही उनकी मांगों पर लिखित निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
“मोदी की गारंटी” का हवाला
कर्मचारियों ने चार समूहों में बंटकर भाजपा के घोषणा पत्र और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी का हवाला जनता के बीच दिया। उन्होंने 100 दिनों में नियमितीकरण के वादे को उजागर किया और बड़े नेताओं के भाषणों के सबूत जनता के सामने रखे। कर्मचारियों ने कहा कि अब समय है कि शासन अपने वादों को पूरा करे।
धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए और “मोदी की गारंटी” खोजने की मुहिम को आगे बढ़ाया।





