BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi राजधानी के नांगलोई इलाके में शनिवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहाँ एक परोपकारी कदम दो जिंदगियों पर भारी पड़ गया। एक निजी आवास के बेसमेंट में चल रही अचार फैक्टरी में जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण फैक्टरी मालिक और उनके बेटे की मृत्यु हो गई। यह हादसा तब हुआ जब वे कुएं जैसे गहरे टैंक में गिरे एक मजदूर को बचाने का प्रयास कर रहे थे।
मजदूर को बचाने के लिए टैंक में उतरे थे पिता-पुत्र
New Delhi घटनाक्रम के अनुसार, फैक्टरी के भीतर अचार स्टोर करने के लिए करीब 10 फीट गहरे कई टैंक (कुएं) बने हुए थे। शनिवार को काम के दौरान एक मजदूर अचानक संतुलन बिगड़ने या दम घुटने के कारण टैंक के भीतर गिरकर बेहोश हो गया। उसे संकट में देख फैक्टरी मालिक अनिल और उनके दो बेटे, नीरज (32) और संदीप (28), बिना अपनी परवाह किए उसे निकालने के लिए नीचे उतर गए। लेकिन टैंक के भीतर ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम होने के कारण वे सभी एक-एक कर बेहोश होने लगे।
चीख-पुकार सुनकर दौड़े पड़ोसी, रेस्क्यू कर निकाला बाहर
New Delhi फैक्टरी परिसर में मची अफरा-तफरी और शोर सुनकर अनिल के भाई सुभाष और आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद चारों को टैंक से बाहर निकाला। रेस्क्यू के कुछ समय बाद मजदूर और अनिल के छोटे बेटे संदीप को तो होश आ गया, लेकिन अनिल और उनके बड़े बेटे नीरज की हालत गंभीर बनी रही। उन्हें आनन-फानन में संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सुरक्षा मानकों और अवैध संचालन की जांच शुरू
New Delhi शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह फैक्टरी एक आवासीय इमारत के बेसमेंट से संचालित हो रही थी, जबकि मालिक का परिवार पहली मंजिल पर रहता था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या औद्योगिक सुरक्षा के मानकों का पालन किया जा रहा था। टैंक के भीतर जहरीली गैस बनने या ऑक्सीजन की कमी के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक टीम की मदद ली जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।





