BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत का रुख स्पष्ट किया है। सोमवार को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने वैश्विक शांति पर जोर देते हुए वर्तमान स्थिति को ‘गहरी चिंता’ का विषय बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत हमेशा से ही संघर्ष के बजाय संवाद का पक्षधर रहा है।
पश्चिम एशिया में तनाव और भारतीयों की सुरक्षा
New Delhi ईरान पर अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई के बाद पैदा हुए हालातों पर टिप्पणी करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “विश्व में जारी तनावों पर भारत की सोच पूरी तरह स्पष्ट है। हमने सदैव शांति की वकालत की है।” उन्होंने विशेष रूप से क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कहा कि भारत सरकार सभी देशों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रही है ताकि वहां मौजूद भारतीयों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। पीएम ने दोहराया कि किसी भी जटिल समस्या का स्थायी समाधान केवल बातचीत (Dialogue) के माध्यम से ही संभव है।
भारत-कनाडा संबंधों में नया अध्याय: 2030 तक $50 अरब का लक्ष्य
New Delhi मिडिल ईस्ट संकट के बीच, पीएम मोदी ने भारत दौरे पर आए कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क जे कार्नी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया। पीएम मोदी ने घोषणा की कि भारत और कनाडा का लक्ष्य वर्ष 2030 तक आपसी व्यापार को 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचाना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए दोनों देशों ने जल्द ही एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है।
निवेश और रोजगार के नए अवसरों पर जोर
New Delhi कनाडाई प्रधानमंत्री के साथ संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में पीएम मोदी ने भारत की विकास यात्रा में कनाडा के विश्वास की सराहना की। उन्होंने बताया कि:
- कनाडा के पेंशन फंड्स ने अब तक भारत में 100 अरब डॉलर का बड़ा निवेश किया है।
- प्रस्तावित आर्थिक समझौते से दोनों देशों में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- दोनों नेता व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से मिलकर आर्थिक सहयोग की भावी रूपरेखा तैयार करेंगे।
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