रिपोर्ट- संतोष सराबगी
डबरा/भितरवार। क्षेत्र का सबसे बड़ा सरकारी स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद डबरा सिविल अस्पताल में अव्यवस्थाओं का अंबार है। मौसमी बीमारियों के चलते जहां रोजाना मरीजों की भीड़ उमड़ रही है, वहीं अस्पताल में पदस्थ कई डॉक्टर समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंच रहे। नतीजतन गरीब और जरूरतमंद मरीज समय पर इलाज न मिलने से परेशान होकर निजी अस्पतालों का रुख करने को मजबूर हैं।
समय पर ड्यूटी पर नहीं आते डॉक्टर
अस्पताल में दंत चिकित्सक से लेकर स्त्री रोग विशेषज्ञ और ईएनटी समेत आठ डॉक्टर पदस्थ हैं। इनमें डॉ. आर. सागर, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. आशा सिंह, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक भार्गव, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. स्वाति अग्रवाल और सर्जन डॉ. पवन गौतम शामिल हैं। इसके अलावा चार मेडिकल ऑफिसर भी नियुक्त हैं।
लेकिन मरीजों का आरोप है कि इनमें से अधिकांश डॉक्टर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक तय समय पर उपस्थित नहीं रहते। खासतौर पर महिला डॉक्टर और विशेषज्ञ चिकित्सकों के लेट आने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
निरीक्षण में मिली लापरवाही
स्वदेश न्यूज़ चैनल की टीम जब अस्पताल निरीक्षण के लिए पहुंची तो कई गंभीर खामियां सामने आईं।
- अस्पताल परिसर में गाड़ियों की अव्यवस्थित पार्किंग
- सफाई व्यवस्था बेहद खराब
- जच्चा वार्ड में पुरुषों की आवाजाही
- वार्डों में गंदे बिस्तर और गंदगी
- नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों में तालमेल की कमी
यह हालात देखकर साफ जाहिर होता है कि अस्पताल प्रशासन लापरवाह रवैया अपनाए हुए है।
शिकायतें लेकिन कार्रवाई नहीं
स्थानीय लोगों ने कई बार एसडीएम और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को शिकायत पत्र देकर डॉक्टरों की समय पर अनुपस्थिति की समस्या उठाई है। लेकिन शिकायतों के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। अस्पताल में डॉक्टरों के लिए बने सरकारी क्वार्टर भी अलॉट किए गए हैं, फिर भी कई डॉक्टर वहां निवास नहीं करते और समय पर ड्यूटी पर नहीं आते।
गरीब मरीज हो रहे परेशान
अस्पताल में समय पर इलाज न मिलने से मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे गरीब और जरूरतमंद वर्ग पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकार की योजनाएं और अस्पताल की सुविधाएं तभी सार्थक होंगी, जब डॉक्टर समय पर ड्यूटी पर उपस्थित होकर मरीजों को सही इलाज देंगे।