Report by: Rishabh, Edit by: Priyanshi Soni
Nawada: बिहार के नवादा जिले के रजौली अनुमंडलीय अस्पताल में 15 वर्षीय किशोरी उंगता कुमारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक किशोरी सिरदला थाना क्षेत्र के परनाडाबर गांव निवासी लालजीवन मांझी की पुत्री थीं।
Nawada: बुखार की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची किशोरी

किशोरी को उसकी मां श्रीमती देवी बुखार की शिकायत के चलते सिरदला अस्पताल में भर्ती करवाई थी। तबियत में सुधार न होने पर दोपहर लगभग 1 बजे वे रजौली अनुमंडलीय अस्पताल पहुंची। यहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. सूरज कुमार ने किशोरी का प्राथमिक इलाज किया और स्लाइन व आवश्यक दवा दी। इसी दौरान इलाज के दौरान किशोरी की मौत हो गई।
Nawada: स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप
किशोरी की मां ने आरोप लगाया कि चिकित्सक सिर्फ एक बार आकर बच्ची को देखा और दवा लिख दी। इसके बाद दवा वितरण कक्ष में मौजूद स्टाफ ने कहा कि 2 बजे के बाद दवा नहीं दी जाती। मां का कहना है कि बच्ची की हालत में सुधार या बिगड़ाव पर कोई नजर नहीं रख रहा था। चिकित्सक मीटिंग में चले गए और लौटकर कहा कि उनकी बेटी अब जीवित नहीं है।
Nawada: परिवार को लगा दुहरा सदमा
किशोरी की मां ने बताया कि परिवार ईंट भट्ठे पर काम करता था। हाल ही में पिता को लकवा मार गया था, इसलिए मां, पिता और बेटी घर लौटे। लौटते समय ट्रेन में ही बेटी की तबियत बिगड़ी थी, जिसे पहले सिरदला अस्पताल और फिर रजौली अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
Nawada: प्रभारी डीएस का बयान
प्रभारी डीएस डॉ. दिलीप कुमार ने कहा कि अस्पताल में इलाज के दौरान बच्ची की मौत हुई। उन्होंने बताया कि चिकित्सक ने मरीज के परिजनों को सलाह दी थी कि इसे यहां ठीक नहीं किया जा सकता, इसलिए प्राथमिक इलाज के बाद रेफर किया गया। साथ ही अस्पताल के फार्मासिस्ट और डाटा इंट्री ऑपरेटर की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
Read also: Story of Valentine’s Day: सेंट वैलेंटाइन की शहादत और प्यार के दिन की कहानी





