Nana Patekar: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से हिंदी और मराठी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। 75 वर्षीय अभिनेता गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर पर बेहोशी की हालत में पाए गए। इसके बाद उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि नाना पाटेकर को गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने और होश में लाने की काफी कोशिश की। करीब 45 मिनट तक चिकित्सा प्रयास किए गए, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद डॉक्टरों ने उनके निधन की पुष्टि की।
Nana Patekar Death की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक
नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आते ही मनोरंजन जगत में शोक का माहौल है। अपने दमदार अभिनय, प्रभावशाली संवाद अदायगी और अलग-अलग तरह के किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर ने कई दशकों तक दर्शकों का मनोरंजन किया।
उन्होंने फिल्मों में गंभीर भूमिकाओं के साथ-साथ कॉमेडी और नकारात्मक किरदार भी निभाए। उनकी अभिनय शैली ऐसी रही कि पर्दे पर उनका हर किरदार अपनी अलग पहचान बना लेता था। यही वजह है कि उन्हें हिंदी सिनेमा के सबसे प्रभावशाली कलाकारों में गिना जाता रहा।
1978 में शुरू हुआ था नाना पाटेकर का फिल्मी सफर
नाना पाटेकर ने साल 1978 में फिल्म ‘गमन’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। शुरुआती दौर में उन्हें बड़े स्तर पर पहचान नहीं मिली, लेकिन बाद में उनकी प्रतिभा ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में मजबूत जगह दिलाई।
साल 1986 में आई फिल्म ‘अंकुश’ उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई। इसके बाद उन्होंने लगातार कई चर्चित फिल्मों में काम किया और अपनी अलग अभिनय शैली के कारण दर्शकों और फिल्म समीक्षकों का ध्यान खींचा।
‘परिंदा’ से मिली बड़ी पहचान
नाना पाटेकर के करियर में ‘परिंदा’ को बेहद महत्वपूर्ण फिल्मों में गिना जाता है। फिल्म में उन्होंने गैंगस्टर का किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया। इस भूमिका ने उन्हें इंडस्ट्री में एक गंभीर और दमदार अभिनेता के तौर पर स्थापित किया।
इसके बाद ‘प्रहार’, ‘तिरंगा’ और ‘क्रांतिवीर’ जैसी फिल्मों में भी उन्होंने यादगार भूमिकाएं निभाईं। उनकी फिल्मों में एक्शन, सामाजिक मुद्दों और देशभक्ति से जुड़े किरदारों का प्रभाव भी देखने को मिला।
Nana Patekar: हिंदी के साथ मराठी सिनेमा में भी किया काम
नाना पाटेकर का फिल्मी सफर सिर्फ हिंदी सिनेमा तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने मराठी फिल्मों में भी काम किया और वहां भी अपनी मजबूत पहचान बनाई। अभिनय के अलावा फिल्म निर्माण और पटकथा लेखन में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा दिखाई।
उनकी खासियत यह रही कि वह एक ही तरह की भूमिकाओं तक सीमित नहीं रहे। गंभीर किरदारों से लेकर हास्य और नकारात्मक भूमिकाओं तक उन्होंने कई अलग-अलग किरदारों को पर्दे पर जीवंत किया।
Nana Patekar: नाना पाटेकर की आखिरी फिल्मों में ‘हाउसफुल 5’ शामिल
नाना पाटेकर को साल 2025 में रिलीज हुई फिल्म ‘हाउसफुल 5’ में देखा गया था। इस फिल्म में उन्होंने अक्षय कुमार, रितेश देशमुख, अभिषेक बच्चन, जैकलीन फर्नांडिस, चित्रांगदा सिंह और नरगिस फाखरी सहित कई कलाकारों के साथ काम किया था।
इसके बाद वह शाहिद कपूर स्टारर ‘ओ रोमियो’ और अनिल कपूर की ‘सूबेदार’ में भी स्पेशल अपीयरेंस में नजर आए। इस तरह उम्र के इस पड़ाव पर भी वह फिल्मों से जुड़े रहे और लगातार दर्शकों के सामने आते रहे।
Nana Patekar: कारगिल युद्ध के दौरान सेना के साथ जुड़े थे नाना पाटेकर
नाना पाटेकर का जुड़ाव सिर्फ सिनेमा तक नहीं था। साल 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने एक्टिंग से अलग हटकर मराठा लाइट इन्फेंट्री रेजिमेंट के साथ समय बिताया था। देश और सेना के प्रति उनका यह जुड़ाव उनके व्यक्तित्व का एक अलग पक्ष सामने लाता है।
Veteran actor Nana Patekar passed away at 5:20 AM today after suffering a severe cardiac arrest at his residence.
Despite 45 minutes of continuous CPR, he could not be revived. A medico-legal case (MLC) has been registered, and a post-mortem will be conducted: Dr. Shekhar Salkar, Chief of Oncology Department, Manipal Hospital— ANI (@ANI) October 8, 2026
फिल्मों में भी उन्होंने कई बार पुलिस और सेना से जुड़े किरदार निभाए। इन भूमिकाओं में उनकी संवाद अदायगी और अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया।
Nana Patekar: तीन राष्ट्रीय पुरस्कार और चार फिल्मफेयर अवॉर्ड
नाना पाटेकर को उनके शानदार अभिनय के लिए कई बड़े सम्मान मिल चुके हैं। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और चार फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए साल 2013 में उन्हें पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया।
नाना पाटेकर ने अपने लंबे करियर में कई ऐसी फिल्में दीं, जिनके किरदार और संवाद आज भी दर्शकों के बीच याद किए जाते हैं। उनका निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
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