MP Jal Jeevan Mission : 24,411 गांव ‘हर घर जल’ घोषित
Vijay Nandan (वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल एडिटर)
MP Jal Jeevan Mission : मध्यप्रदेश सरकार ने बजट 2026-27 में ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा प्रावधान किया है। जल जीवन मिशन “हर घर जल” के तहत प्रदेश के ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के अभियान को और गति दी जाएगी। सरकार के अनुसार अब तक 24,411 ग्रामों को ‘हर घर जल’ घोषित किया जा चुका है, जो ग्रामीण जल आपूर्ति के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप प्रदेश में लगभग 5 लाख 75 हजार हैंडपंपों के माध्यम से ग्रामीण बसाहटों में पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 4 लाख 93 हजार से अधिक घरेलू नल कनेक्शन दिए गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में परिवारों को घर तक नल से जल सुविधा मिल सकी है।

MP Jal Jeevan Mission : सौर ऊर्जा से संचालित होंगी जल परियोजनाएं
समूह जल प्रदाय परियोजनाओं के संचालन में आने वाले विद्युत व्यय को कम करने के उद्देश्य से जन-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर 100 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना शुरू की गई है। इससे न केवल लागत में कमी आएगी, बल्कि हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।
MP Jal Jeevan Mission : जल निगम द्वारा पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए ₹53 करोड़
- सरकार ने जल आपूर्ति तंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए अलग-अलग मदों में बजट प्रस्तावित किया है
- नल कूपों के अनुरक्षण के लिए ₹104 करोड़
- ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना के लिए ₹165 करोड़
- जल निगम द्वारा पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए ₹53 करोड़
- सिंचाई एवं पेयजल योजना के सौर ऊर्जीकरण के लिए ₹156 करोड़
- जल जीवन मिशन के लिए ₹4,454 करोड़
इन प्रावधानों से स्पष्ट है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी और विश्वसनीय पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में व्यापक रणनीति पर काम कर रही है।

MP Har Ghar Jal Mission : ग्रामीण विकास को मिलेगा बल
जल जीवन मिशन के सुदृढ़ क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से जलजनित बीमारियों में कमी आएगी और महिलाओं व बच्चों को पानी लाने की समस्या से राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि सौर ऊर्जा आधारित जल परियोजनाएं भविष्य में लागत प्रभावी और पर्यावरण अनुकूल मॉडल साबित होंगी। कुल मिलाकर बजट 2026-27 में जल जीवन मिशन को प्राथमिकता देना ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

संपादकीय नजरिया
मध्य प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत न सिर्फ नल नहीं लगाए हैं, बल्कि ग्रामीणों की जीवनशैली की तस्वीर बदलने की कोशिश की है। कभी जहां महिलाएं और बच्चियां रोज़ सिर पर गगरी रख कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर थीं, आज कई घरों में नल से जल पहुंच रहा है। इससे समय की बचत हुई है, बेटियों की पढ़ाई में निरंतरता आई है और महिलाओं की सेहत पर सकारात्मक असर पड़ा है।
स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से जलजनित बीमारियों में कमी आई है, जिससे ग्रामीण स्वास्थ्य खर्च भी घटा है। पंचायत स्तर पर जल समितियों की भागीदारी ने स्थानीय जवाबदेही को बढ़ाया है। हालांकि चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं, कुछ क्षेत्रों में जल स्रोतों की स्थिरता, पाइपलाइन रखरखाव और बिजली खर्च जैसे मुद्दे सामने आते हैं।
फिर भी, यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि जल जीवन मिशन ने गांवों में बुनियादी सुविधाओं के मायने बदले हैं। अब असली कसौटी यह है कि इस बदलाव को टिकाऊ और पारदर्शी कैसे बनाया जाए, ताकि “हर घर जल” सिर्फ नारा नहीं, स्थायी हकीकत बने।





