रिपोर्ट: देवेंद्र जायसवाल
एमपी हाईकोर्ट ने शाहबानो केस पर आधारित फिल्म ‘हक’ की रिलीज, प्रदर्शन और प्रमोशन पर रोक लगाने की याचिका को खारिज कर दिया है। याचिका शाहबानो की बेटी और कानूनी वारिस सिद्दिका बेगम खान ने दायर की थी।
सिद्दिका बेगम ने फिल्म के डायरेक्टर सुपर्ण एस. वर्मा, जंगली पिक्चर्स, बावेजा स्टूडियोज, और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के चेयरपर्सन को कानूनी नोटिस भेजते हुए तत्काल रोक की मांग की थी।
याचिकाकर्ता के वकील तौसीफ वारसी का कहना था कि फिल्म बनाने से पहले शाहबानो की कानूनी वारिस से अनुमति नहीं ली गई। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि फिल्म में शरिया कानून की नकारात्मक छवि दिखाई गई है, जिससे मुस्लिम समुदाय की भावनाएं आहत हो सकती हैं।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट तौसीफ वारसी, जंगली पिक्चर्स की ओर से सीनियर एडवोकेट अजय बागड़िया, इंसोमनिया मीडिया एंड कंटेंट सर्विसेज लिमिटेड की ओर से हितेश मेहता और मिनिस्ट्री ऑफ ब्रॉडकास्ट की ओर से एडवोकेट रोमेश दवे मौजूद रहे।
तौसीफ वारसी ने कोर्ट को बताया कि फिल्म के टीजर और ट्रेलर में कुछ घटनाओं और डायलॉग ऐसे दर्शाए गए हैं, जो शाहबानो की प्रतिष्ठा और सम्मान को ठेस पहुँचाते हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक जीवन में माता-पिता के बीच ऐसे संवाद कभी नहीं हुए।
वकील ने तर्क दिया कि शाहबानो ने उस समय महिला सशक्तिकरण और धर्म के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उनकी छवि को फिल्म में सही ढंग से दिखाया गया है, लेकिन कुछ डायलॉग परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाते हैं, खासकर जब शाहबानो अब इस दुनिया में नहीं हैं।





