MP Agriculture Budget: डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। बजट भाषण शुरू होते ही विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने शांत रहने की नसीहत दी और भरोसा दिया कि बजट पर विस्तार से चर्चा का अवसर मिलेगा।
देवड़ा ने बताया कि मध्यप्रदेश क्षेत्रफल के हिसाब से देश का दूसरा सबसे बड़ा और जनसंख्या के आधार पर पांचवां सबसे बड़ा राज्य है। इस बार बजट तैयार करने में जनता से सुझाव और देशभर के बजट विशेषज्ञों की राय ली गई, ताकि बजट व्यापक और व्यावहारिक बन सके। उन्होंने भरोसा जताया कि यह बजट जनता के विश्वास पर खरा उतरेगा। महंगाई से राहत देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने संकेत दिया कि कैबिनेट में नई आबकारी नीति को भी मंजूरी मिल सकती है।
MP Agriculture Budget: पीएम फसल बीमा और सीएम कृषक उन्नति योजना में बड़ा निवेश
किसानों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, सीएम कृषक उन्नति योजना के तहत 5,500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
MP Agriculture Budget: किसानों को मिलेगा 337 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन
वित्त मंत्री ने कहा कि इस वर्ष 6.69 लाख किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की जाएगी। 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में घोषित किया गया है।
प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा

सरकार ने 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा 21 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक एवं प्राकृतिक खेती पंजीकृत की गई है।
MP Agriculture Budget: 1 लाख सोलर पंप से किसानों को ऊर्जा सहायता
कृषि क्षेत्र में 3,000 करोड़ रुपये की लागत से 1 लाख सोलर पंप किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे। किसान परिवारों को किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
कृषक उन्नति योजना के लाभ और सफलता
कृषक उन्नति योजना के तहत अब तक 6 लाख 70 हजार किसानों को लाभ मिल चुका है। वित्त मंत्री देवड़ा ने बताया कि भावांतर योजना की सफलता को देखकर अन्य राज्यों ने भी इसमें रुचि दिखाई है।
MP Agriculture Budget: धान और दूध उत्पादन में प्रदेश का नेतृत्व
वित्त मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश धान उत्पादन में प्रथम स्थान रखता है और यह देश का तीसरा सबसे बड़ा दूध उत्पादन वाला प्रदेश भी है। इसके अलावा, पशुपालन के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।





