एमपी में अफसरों की अवैध संपत्तियों का कांग्रेस करेगी खुलासा | सियासी हलचल तेज

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पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी

📰 मुख्य बातें एक नजर में:

  • कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर 52 घोटालों का लगाया आरोप
  • विधानसभा सत्र में अफसरों की अवैध संपत्तियों का होगा खुलासा
  • पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने दी अधिकारियों को चेतावनी
  • इंवेस्टर्स समिट और रोजगार को लेकर सरकार से मांगा श्वेत पत्र
  • प्रशासनिक गलियारों में मची हलचल

🗣️ कांग्रेस का दावा: भ्रष्टाचार और कर्ज की सरकार है बीजेपी

मध्य प्रदेश में विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि प्रदेश में आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की अवैध संपत्तियों का कांग्रेस खुलासा करेगी।

उन्होंने कहा कि बीजेपी के शासन में व्यापमं, आजीविका मिशन, खाद-बीज और नर्सिंग जैसे कुल 52 घोटालों के पुख्ता सबूत जुटाए गए हैं, जिन्हें कांग्रेस सदन के पटल पर लाएगी।


🚨 प्रशासन को चेतावनी: ‘बीजेपी एजेंट’ न बनें अफसर

पटवारी ने सीधे तौर पर कई वरिष्ठ अधिकारियों को चेताते हुए कहा,

“जो अधिकारी सर्विस रूल्स को भूलकर बीजेपी के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं, उनकी लिस्ट तैयार है। कई अफसरों ने अकूत दौलत जमा की है, जिनकी संपत्ति का कांग्रेस जल्द खुलासा करेगी।”

उन्होंने पुलिस पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि झूठे केस बनाकर जनता को डराया जा रहा है।


📉 इंवेस्टर्स समिट को लेकर सवाल: श्वेत पत्र की मांग

पटवारी ने सरकार से मांग की कि वह इंवेस्टर्स समिट पर श्वेत पत्र जारी करे। उन्होंने कहा:

  • समिट में कुल कितना निवेश आया?
  • कितनी सरकारी धनराशि खर्च हुई?
  • कितने युवाओं को रोजगार मिला?

“शिवराज सिंह चौहान से लेकर मोहन यादव तक विदेश यात्राएं तो खूब की गईं, लेकिन रोजगार का आंकड़ा जनता के सामने लाने में सरकार विफल रही है।”

कांग्रेस अब विधानसभा में रोजगार और करप्शन पर अपना खुद का श्वेत पत्र लाने की तैयारी में है।


🏗️ सड़क निर्माण में घोटाले का आरोप

पटवारी ने सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए PWD मंत्री को निशाने पर लिया और कहा कि निर्माण कार्यों में भारी भ्रष्टाचार हुआ है।

“यह सरकार कर्ज और करप्शन पर चल रही है, और अब जनता सब जान चुकी है।”


🔍 क्यों मची है प्रशासन में हलचल?

आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की संपत्तियों को लेकर खुलासे की चेतावनी के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कांग्रेस अपने दावों को तथ्य सहित पेश करती है, तो विधानसभा सत्र काफी गरमाया हुआ रहेगा।

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📌 निष्कर्ष:

मध्य प्रदेश की सियासत में कांग्रेस एक बार फिर आक्रामक तेवरों के साथ बीजेपी सरकार को घेरने उतरी है। अफसरों की अवैध संपत्तियों से लेकर इंवेस्टर्स समिट तक, कई मुद्दों पर सवाल उठाए गए हैं। अब देखना होगा कि ये खुलासे केवल राजनीतिक बयान बनकर रह जाएंगे या सच में कोई बड़ा असर दिखाएंगे।

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