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Morena: जिला अस्पताल की ‘थ्री-लेयर’ बिजली व्यवस्था फेल, टॉर्च की रोशनी में हुआ घायलों का इलाज

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संवाददाता- प्रताप सिंह बघेल

Morena जिले के मुख्य चिकित्सालय से अव्यवस्थाओं की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी है। अस्पताल में कहने को तो बिजली बैकअप के लिए त्रिस्तरीय (थ्री-लेयर) इंतजाम हैं, लेकिन रविवार सुबह इमरजेंसी के वक्त एक भी सिस्टम काम नहीं आया। स्थिति यह रही कि डॉक्टरों को मोबाइल की टॉर्च जलाकर मरीजों का उपचार करना पड़ा।

Morena सड़क हादसे के घायलों का मोबाइल लाइट में उपचार

घटना रविवार सुबह करीब 11:15 बजे की है। सड़क दुर्घटना में घायल कुछ मरीजों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड लाया गया था। जैसे ही डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया, अस्पताल की बिजली गुल हो गई। वार्ड में गहरा अंधेरा छा जाने के कारण इलाज में बाधा आने लगी, जिसके बाद मजबूरन डॉक्टरों ने अपने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाई और उसी की रोशनी में करीब 20 मिनट तक घायलों की मरहम-पट्टी की।

Morena दावों पर भारी पड़ी बदहाली: वीडियो हुआ वायरल

उपचार के दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि कैसे स्वास्थ्यकर्मी अंधेरे के बीच टॉर्च के सहारे घायलों को प्राथमिक उपचार दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश है और लोग व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं।

Morena आखिर क्यों ठप्प रही ‘थ्री-लेयर’ बिजली सप्लाई?

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, यहाँ बिजली आपूर्ति के लिए तीन स्तर की सुरक्षा है:

  1. मुख्य विद्युत लाइन 2. जनरेटर बैकअप 3. सोलर पावर सिस्टम

नियमतः बिजली जाने के तुरंत बाद जनरेटर शुरू होना चाहिए था, और यदि उसमें तकनीकी खराबी थी तो सोलर सिस्टम से वार्ड रोशन होने चाहिए थे। लेकिन रविवार को ये तीनों ही विकल्प फेल साबित हुए। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन के पास इस तकनीकी विफलता का कोई ठोस जवाब नहीं है।

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