Alcohol and Diabetes: डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जो शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों के कामकाज को प्रभावित कर सकती है। इसमें लिवर, किडनी और हार्ट भी शामिल हैं। वहीं, शराब का सेवन भी सेहत के लिए नुकसानदायक माना जाता है। लंबे समय तक शराब पीने से फैटी लिवर, लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए शराब का सेवन और भी नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि इससे ब्लड शुगर के स्तर पर असर पड़ने के साथ-साथ पैंक्रियाज की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या डायबिटीज के मरीजों को शराब पीनी चाहिए? क्या शराब पीने की कोई सुरक्षित सीमा है और इससे कैंसर का खतरा कितना बढ़ सकता है? आइए, लिवर स्पेशलिस्ट की जानकारी के आधार पर समझते हैं।
Alcohol and Diabetes: डायबिटीज में शराब पीने से क्या होता है?
लिवर स्पेशलिस्ट डॉक्टर शिव कुमार सरीन ने अपनी किताब ओन योर बॉडी में शराब के सेवन और लिवर कैंसर के जोखिम से जुड़े शोध का उल्लेख किया है। उनके मुताबिक, हेल्थ चेकअप के लिए आए 40 से 80 वर्ष की उम्र के 5,04,546 लोगों पर किए गए एक बड़े अध्ययन में लिवर कैंसर और हेपेटाइटिस-बी व हेपेटाइटिस-सी के संक्रमण के बीच महत्वपूर्ण संबंध पाया गया।
रिपोर्ट में शराब के सेवन और कैंसर के खतरे को लेकर उम्र के अनुसार अलग-अलग आंकड़ों का भी जिक्र किया गया है। इसमें बताया गया है कि सालाना 20 गैलन शराब के सेवन से 50 वर्ष से कम, 50 से 59 वर्ष, 60 से 69 वर्ष और 70 से 80 वर्ष की आयु के लोगों में कैंसर का जोखिम क्रमशः 6, 8, 16 और 30 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। हालांकि, इन आंकड़ों को समझते समय शोध में शराब की मात्रा, सेवन की अवधि और कैंसर के प्रकार जैसी स्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है।
Alcohol and Diabetes: शराब पीने से कैंसर का खतरा कितना बढ़ता है?
शराब के सेवन और कैंसर के जोखिम के बीच संबंध को लेकर अन्य शोधों में भी जानकारी सामने आई है। लेख में ‘हेल्थ 2000’ और ‘FINRISK 1992-2012’ अध्ययनों के डेटाबेस का उल्लेख किया गया है। इनके निष्कर्षों के अनुसार, शराब की मात्रा के साथ एडवांस्ड लिवर डिजीज और कैंसर का खतरा जुड़ा रहता है। इसलिए शराब के संभावित प्रभावों को केवल हार्ट डिजीज के जोखिम तक सीमित करके नहीं देखना चाहिए।
शराब शरीर में पहुंचने के बाद एसीटैल्डिहाइड नामक पदार्थ में बदलती है। यह एक हानिकारक रसायन है, जो कोशिकाओं और उनके डीएनए को नुकसान पहुंचा सकता है। शराब के सेवन को लिवर, मुंह, भोजन की नली, पेट, पैंक्रियाज और महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर सहित कई प्रकार के कैंसर के बढ़ते जोखिम से जोड़ा गया है। शराब का सेवन जितना अधिक और लंबे समय तक होता है, उससे जुड़े स्वास्थ्य जोखिम भी बढ़ सकते हैं।
डायबिटीज के मरीजों के लिए इन खतरों को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। उन्हें अपनी बीमारी, ब्लड शुगर के स्तर और लिवर की स्थिति को ध्यान में रखते हुए शराब से परहेज करने पर विचार करना चाहिए।
Alcohol and Diabetes: क्या शराब पीने की कोई सुरक्षित सीमा है?
डॉक्टर सरीन ने शराब के सेवन को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए नियमित रूप से शराब पीना कई अतिरिक्त स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। शराब का सेवन फैटी लिवर की समस्या को बढ़ा सकता है और समय के साथ लिवर में सूजन, फाइब्रोसिस तथा अन्य गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकता है।
यह समझना जरूरी है कि शराब की कोई ऐसी मात्रा नहीं है, जिसे सभी लोगों के लिए पूरी तरह जोखिम-मुक्त कहा जा सके। कैंसर के जोखिम के लिहाज से कम मात्रा में शराब पीना भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जाता। हालांकि, नुकसान का स्तर व्यक्ति की उम्र, शराब की मात्रा, सेवन की अवधि और पहले से मौजूद बीमारियों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।
डायबिटीज के मरीजों को खासतौर पर नियमित शराब पीने से बचना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति शराब का सेवन करता है, तो उसे अपनी स्वास्थ्य स्थिति और दवाओं के अनुसार डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
Alcohol and Diabetes: डायबिटीज के मरीजों के लिए शराब क्यों है खतरनाक?
डायबिटीज के मरीजों में शराब का सेवन ब्लड शुगर के स्तर को प्रभावित कर सकता है। खासकर इंसुलिन या कुछ ऐसी दवाएं लेने वाले लोगों में शराब पीने से ब्लड शुगर खतरनाक स्तर तक गिरने का खतरा बढ़ सकता है। इस स्थिति को हाइपोग्लाइसीमिया कहा जाता है। इसका जोखिम शराब पीने के कई घंटे बाद भी बना रह सकता है।
इसके अलावा, शराब लिवर की उस प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है, जिसके जरिए लिवर जरूरत पड़ने पर शरीर में ग्लूकोज उपलब्ध कराता है। इससे ब्लड शुगर को सामान्य स्तर पर बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। शराब के कारण पैंक्रियाज को नुकसान पहुंचने की आशंका भी रहती है, जिससे शरीर में इंसुलिन बनाने और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
इसलिए डायबिटीज के मरीजों के लिए शराब से परहेज करना बेहतर विकल्प है। अगर कोई मरीज शराब पीता है, तो उसे अपनी दवाओं, ब्लड शुगर और लिवर की स्थिति को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। शराब के सेवन से जुड़े जोखिमों को समझना और समय पर सावधानी बरतना गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


