रिपोर्ट – प्रेमपाल सिंह
Firozabad मेडिकल कॉलेज के 200 शैया अस्पताल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब इलाज के लिए आए एक युवक ने अचानक उग्र रूप धारण कर लिया। बताया जा रहा है कि इंजेक्शन लगते ही युवक का व्यवहार पूरी तरह बदल गया और वह अस्पताल के उपकरणों और सामान को फेंकने लगा। इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और स्टाफ की मुस्तैदी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Firozabad अस्पताल में फेंका सामान, मरीजों में मची भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक को इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। जैसे ही उसे इंजेक्शन लगाया गया, वह बेकाबू हो गया। उसने वार्ड में रखे मेडिकल सामान और अन्य उपकरणों को उठाकर फेंकना शुरू कर दिया। युवक का उग्र रूप देखकर वार्ड में मौजूद अन्य मरीज और उनके परिजन जान बचाकर भागने लगे। सुरक्षा गार्डों के मौके पर न होने के कारण स्थिति काफी देर तक तनावपूर्ण बनी रही।

Firozabad परिजनों ने ही कर दी युवक की पिटाई
हंगामे के बीच परिजन किसी तरह युवक को खींचकर अस्पताल की गैलरी से बाहर ले आए। बाहर आते ही परिजनों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने युवक को नियंत्रित करने के लिए उसकी पिटाई कर दी। काफी जद्दोजहद के बाद परिजनों ने युवक के हाथ-पैर बांध दिए ताकि वह स्वयं को या दूसरों को चोट न पहुंचा सके। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

Firozabad आगरा रेफर करने की सलाह
अस्पताल के डॉक्टरों ने युवक की मानसिक स्थिति और बेकाबू व्यवहार को देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बाद उच्च केंद्र रेफर करने का निर्णय लिया। चिकित्सकों ने परिजनों को युवक को एंबुलेंस के जरिए आगरा (मानसिक चिकित्सालय) ले जाने की सलाह दी है। हालांकि, अस्पताल परिसर में हुए इस हंगामे ने यह साफ कर दिया है कि आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल के पास पुख्ता सुरक्षा इंतजाम नहीं थे।





