संवाददाता: प्रयास कैवर्त
मामला क्या है?
मरवाही तहसील के ग्राम पंचायत चंगेरी में एक भारी फर्जी रजिस्ट्री मामला सामने आया है, जिसमें 4.55 एकड़ राजस्व भूमि को पटवारी और रजिस्ट्रार के कथित मिलावटी दस्तावेजों के ज़रिए निजी संपत्ति दिखा कर रजिस्टर किया गया। इस रजिस्ट्री का उद्देश्य शासकीय जमीन को ग़लत लाभ देने और उसे व्यक्तिगत स्वामित्व में कनवर्ट करने का लग रहा है।
मिलीभगत का सरगर्म खेल
स्थानीय मीडिया ने बताया कि यह रजिस्ट्री काम पूरे पटवारी, रजिस्ट्रार और कुछ जमीन mafias — जैसे पंकज जेम्स, रवि जोगी और दीपू राय — के चहेरे सेट-अप के ज़रिए की गई। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार जमीन शासकीय दर्ज थी, लेकिन उन पर निजी हस्ताक्षर और रजिस्ट्रेशन का काला धब्बा गिरा दिया गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह गठजोड़ आदिवासी समुदाय को ठगने के लिए तैयार किया गया, ताकि सस्ती कीमतों पर जमीन जब्त की जा सके और फिर बड़े दामों पर सफेद हाथ वाले पठानियों को बेच दी जाए।
प्रशासन ने की कार्रवाई की घोषणा
एसडीएम प्रफल्ल रजक ने मामले की बारीकी से जांच करने का भरोसा दिया है। उनका कहना है:
“जांच पूरी कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी — दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
क्या होना चाहिए अब?
- तुरंत जांच समिति गठित – राजस्व रिकॉर्ड, हस्ताक्षर, एवं रजिस्ट्री दस्तावेजों की समीक्षा।
- पटवारी-रजिस्ट्रार पर कार्रवाई – यदि आरोप सिद्ध हुआ तो निलंबन, FIR और वसूली की प्रक्रिया शुरू करना।
- खतरे की जागरूकता – आदिवासी राजस्व भूमि की अनधिकृत रजिस्ट्री मामले सरकार और जिलास्तरीय प्रशासन से स्वत: संज्ञान लेने की जरूरत।





