कुकी बनाम सुरक्षा बल: मणिपुर की सड़कों पर खूनी संघर्ष, जानें वजह

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
कुकी बनाम सुरक्षा बल

मणिपुर में आज से जिला स्तर पर नागरिक बसों की आवाजाही सुरक्षा बलों की निगरानी में शुरू हो गई। इस दौरान कुकी जनजातियों के प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताया, जो राज्य से अलग प्रशासन की मांग कर रहे हैं और तब तक मुक्त आवाजाही का विरोध कर रहे हैं जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती।

कांगपोकपी जिले में तनाव

कांगपोकपी जिले में, जो राज्य की राजधानी इम्फाल से 45 किलोमीटर दूर है, प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान कई कुकी महिलाएं घायल हो गईं, जो हाईवे को अवरुद्ध करने की कोशिश कर रही थीं। खदेड़ने के लिए माइन-रेसिस्टेंट वाहनों का भी इस्तेमाल किया गया।

कुकी बनाम सुरक्षा बल

प्रदर्शनकारियों की हिंसक प्रतिक्रिया

स्थानीय लोगों द्वारा साझा किए गए वीडियो में प्रदर्शनकारी सड़कों को खोदते, टायर जलाते, बैरिकेड लगाते और वाहनों पर पत्थर फेंकते नजर आए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर अपशब्दों का प्रयोग किया और उन्हें वापस लौटने के लिए चिल्लाते सुना गया। यह घटना राज्य में केंद्र सरकार के उस फैसले के बाद हुई, जिसमें कहा गया था कि आज से मणिपुर में कहीं भी सड़क अवरोध नहीं होना चाहिए। यह फैसला तब आया जब मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया।


मणिपुर में हिंसा का इतिहास

मई 2023 से मणिपुर में मैतेई समुदाय (जो घाटी क्षेत्र में बहुसंख्यक हैं) और कुकी जनजातियों (जो पहाड़ी इलाकों में प्रभावी हैं) के बीच भूमि अधिकारों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दों पर संघर्ष जारी है। इस हिंसा में अब तक 250 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और करीब 50,000 लोग विस्थापित हुए हैं।

कुकी समुदाय की मांग

कुकी नेताओं, दो दर्जन से अधिक उग्रवादी समूहों (जिन्होंने ऑपरेशन निलंबन समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं), और उनके नागरिक संगठनों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि मणिपुर में मुक्त आवाजाही की अनुमति देने से पहले उन्हें अलग प्रशासन दिया जाए। दूसरी ओर, मैतेई संगठनों का कहना है कि राहत शिविरों में रह रहे हजारों विस्थापित लोग अपने घरों को दोबारा बनाने के लिए क्यों नहीं लौट सकते, जब बातचीत एक साथ चल सकती है।


कुकी और मैतेई के बीच मतभेद

कुकी-जो समूह मई 2023 की हिंसा को अपनी अलग प्रशासन की मांग का कारण बताते हैं, उनका कहना है कि वे स्वायत्त परिषद से आगे बढ़कर अब एक विधानसभा के साथ केंद्र शासित प्रदेश चाहते हैं। वहीं, मैतेई नेता दशकों पुराने सबूतों का हवाला देते हैं कि कुकी समूह ‘कुकीलैंड’ नामक अलग क्षेत्र बनाने के लिए काम कर रहे हैं।

वर्ल्ड कुकी-जो इंटेलेक्चुअल काउंसिल (WKZIC) ने 15 जनवरी को मणिपुर के नए राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कहा कि कुकी जनजातियां 1946-47 से अलग राज्य की मांग कर रही हैं। मई 2023 से पहले भी कुकी प्रदर्शनों, सभाओं और शैक्षणिक चर्चाओं में मणिपुर से अलग क्षेत्र की मांग उठती रही है।


निष्कर्ष

मणिपुर में मुक्त आवाजाही की शुरुआत के साथ ही कुकी प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तनाव बढ़ गया है। यह स्थिति राज्य में शांति और समाधान की चुनौतियों को उजागर करती है, जहां दोनों समुदायों की मांगें और दृष्टिकोण एक-दूसरे से टकरा रहे हैं।

वायरल वीडियो ने उड़ाए लोगों के होश! भोपाल के वीआईपी रोड पर हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा

Sidharth Malhotra के पिता सुनील मल्होत्रा का निधन, अभिनेता ने सोशल मीडिया पर दी श्रद्धांजलि

Sidharth Malhotra: बॉलीवुड अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा के पिता सुनील मल्होत्रा का निधन

CG: Top 10

CG: जानें छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें.. CG: बिरनपुर हिंसा केस में

MP: Top 10 News

MP: जानें मध्यप्रदेश की 10 बड़ी खबरें.. MP: रतलाम में बारिश, 22

Horoscope: 18-02-26

Horoscope: जानें राशि के अनपसार कैसा रहेगा आपका आज का दिन Horoscope:

MCW2026 : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई क्लाइमेट वीक-2026 में करेंगे 18 फरवरी को विशेष सत्र की अध्यक्षता

MCW2026 : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शासन द्वारा

Post Office Scam: जटकन्हार पोस्ट ऑफिस घोटाला, पोस्टमास्टर पर ग्रामीणों की जमा राशि गबन का आरोप

Post Office Scam: राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत जटकन्हार स्थित

Ration Distribution Scam: तीन महीने से फिंगरप्रिंट, लेकिन नहीं मिला अनाज…

Ration Distribution Scam: अंगूठा लगवाकर खाली हाथ लौटाए जा रहे ग्रामीण Ration

Financial Fraud Case: कर्ज में डूबे दोस्त ने रची झूठी चोरी की साजिश

Financial Fraud Case: मल्टीलेवल पार्किंग से नकदी चोरी की झूठी कहानी का

Rural Education Crisis: कांकेर में शिक्षा व्यवस्था की पोल, जर्जर स्कूल

Rural Education Crisis: जर्जर स्कूल भवन, घोटुल और पेड़ के नीचे लगती

Sirmaur: तीन माह बाद संगड़ाह को मिला डीएसपी, सुनील राणा ने संभाला पदभार

Sirmaur: सिरमौर जिला के उपमंडल मुख्यालय संगड़ाह में करीब तीन माह से

Sabalgarh: कैमपुरा की महिलाओं का ‘नारी शक्ति’ अवतार, जुए और जहरीली शराब के खिलाफ अब सीधे कलेक्टर से गुहार

संवाददाता- प्रताप सिंह बघेल Sabalgarh (मुरैना): सबलगढ़ थाना क्षेत्र के कैमपुरा गांव