संवाददाता : राजेश पंवार
Maheshwar (खरगोन): खरगोन जिले के करोंदिया स्थित माँ उमिया धाम में ‘सेवा और स्वास्थ्य’ का बड़ा संगम देखने को मिला। निमाड़ महासंघ, श्री अरविंदो अस्पताल (इंदौर) और जिला प्रशासन के साझा प्रयासों से आयोजित एक विशाल चिकित्सा शिविर में 870 मरीजों का निःशुल्क परीक्षण किया गया। इस दौरान अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से ग्रामीणों को करीब 15 लाख रुपये मूल्य की चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह मुफ्त प्रदान की गईं।
‘उम्मीदों वाली बस’ से कैंसर की अत्याधुनिक जाँच
Maheshwar शिविर का मुख्य आकर्षण मध्य भारत की पहली अत्याधुनिक ‘उम्मीदों वाली बस’ रही। इस चलते-फिरते अस्पताल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए कैंसर स्क्रीनिंग की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई। विशेषज्ञों द्वारा मैमोग्राफी और पैपस्मीयर जैसी जटिल जाँचें मौके पर ही की गईं। शिविर में हृदय रोग, कैंसर, हड्डी रोग और बाल रोग सहित विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीजों को परामर्श दिया और कुल 718 पैथोलॉजिकल व रेडियोलॉजिकल जाँचें संपन्न हुईं।
छात्रा जया की मदद के लिए आगे आए सेवाभावी हाथ
Maheshwar शिविर के दौरान 11वीं की छात्रा जया चौहान का मामला बेहद भावुक रहा। पेट में गंभीर संक्रमण से जूझ रही जया के पिता दिव्यांग हैं और माता सफाईकर्मी के रूप में कार्यरत हैं। परिवार की आर्थिक तंगी को देखते हुए निमाड़ महासंघ के सचिव कृष्णकांत रोकड़े ने न केवल तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान की, बल्कि छात्रा के संपूर्ण इलाज का खर्च उठाने का जिम्मा भी लिया। महासंघ के इस कदम की स्थानीय लोगों ने काफी सराहना की है।
जिला प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं का अनूठा समन्वय
Maheshwar खरगोन कलेक्टर सुश्री भव्य मित्तल के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर को सफल बनाने में स्थानीय स्वयंसेवकों और ट्रस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। निमाड़ महासंघ के सचिव ने बताया कि अध्यक्ष संजय रोकड़े के विजन के अनुसार, इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके गाँव में ही वह इलाज उपलब्ध कराना था, जिसके लिए उन्हें अक्सर इंदौर या बड़े शहरों की दौड़ लगानी पड़ती है। गंभीर पाए गए 112 मरीजों को उन्नत उपचार के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है।
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