Madhya Pradesh : मध्यप्रदेश की आर्थिक दिशा और दशा तय करने वाले आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बजट प्रस्तावों का अवलोकन करने के बाद इसे राज्य के चहुंमुखी विकास का रोडमैप बताया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस बजट में समाज के हर वर्ग के कल्याण और सभी क्षेत्रों के संतुलित विकास को प्राथमिकता दी गई है।
सर्वसमावेशी विकास पर केंद्रित होंगे बजट प्रस्ताव
Madhya Pradesh मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बजट के दृष्टिकोण पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि 2026-27 का बजट वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बेहद संतुलित और जनहितैषी है। इसमें किसानों, युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों की समृद्धि के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा के विजन और वित्त विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा दिन-रात किए गए कठिन परिश्रम की सराहना की।
मंत्रालय में बजट प्रस्तावों का विशेष प्रेजेंटेशन
Madhya Pradesh मंगलवार को मंत्रालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें बजट प्रस्तावों का विस्तृत प्रेजेंटेशन मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। इसके उपरांत, शाम को मंत्रि-परिषद के समक्ष भी बजट का प्रस्तुतीकरण हुआ, जहाँ मंत्रियों ने अपने सुझाव साझा किए। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई और अपर मुख्य सचिव (वित्त) श्री मनीष रस्तोगी सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
18 फरवरी को सदन में पेश होगा बजट
Madhya Pradesh मंत्रि-परिषद द्वारा अनुमोदित होने के बाद अब बजट की अंतिम प्रतियाँ तैयार की जा रही हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 18 फरवरी 2026 को उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करेंगे। सरकार की कोशिश है कि इस बजट के माध्यम से प्रदेश की अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ लोक-कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त राशि का आवंटन सुनिश्चित किया जाए।





