Lucknow उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय कुद्स दिवस के मौके पर भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। ‘जुमा-तुल-विदा’ की नमाज के बाद ऐतिहासिक आसिफी मस्जिद (बड़ा इमामबाड़ा) के बाहर हजारों की संख्या में लोग जमा हुए और फिलिस्तीन पर इजराइली कब्जे व गाजा में जारी हिंसा के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। मजलिस-ए-उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना कल्बे जवाद नकवी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में न केवल पुरुष, बल्कि भारी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए।
Lucknow नमाज के बाद बुलंद हुई फिलिस्तीन के समर्थन में आवाज
रमजान के आखिरी जुमे की नमाज अदा करने के बाद जैसे ही नमाजी मस्जिद से बाहर आए, पूरा परिसर ‘लबबैक या अक्सा’ और ‘इजराइल विरोधी’ नारों से गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां और बैनर थे, जिन पर गाजा में मासूमों के नरसंहार को रोकने और फिलिस्तीन की आजादी की मांग लिखी थी।
Lucknow मौलाना कल्बे जवाद का कड़ा संदेश
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों की चुप्पी पर सवाल उठाए।
- दमन के खिलाफ एकजुटता: मौलाना ने कहा कि कुद्स दिवस केवल एक मजहबी रस्म नहीं, बल्कि दुनिया भर के मजलूमों के समर्थन में उठने वाली आवाज है।
- गाजा हिंसा की निंदा: उन्होंने गाजा में हो रहे हमलों को मानवता के खिलाफ अपराध बताते हुए इजराइल पर सख्त पाबंदी लगाने की मांग की।
Lucknow महिलाओं और उलेमाओं की बड़ी भागीदारी
इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि इसमें महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। काली पट्टी बांधकर और पोस्टर लेकर महिलाओं ने इजराइली कार्रवाई के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। शहर के तमाम वरिष्ठ उलेमा और धर्मगुरुओं ने एक सुर में फिलिस्तीनियों के हक की बात की और विश्व शांति के लिए दुआ की।





