Lucknow मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘डिजिटल प्रदेश’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ी छलांग लगाई है। सोमवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (STC) और हिंदुजा ग्रुप की कंपनी वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड के बीच ‘प्रोजेक्ट गंगा’ को लेकर एक एमओयू (MoU) साइन किया गया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य अगले 2-3 वर्षों में राज्य के सुदूर ग्रामीण अंचलों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुँचाना और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करना है।
डिजिटल उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण पर जोर
Lucknow ‘प्रोजेक्ट गंगा’ (गवर्नमेंट असिस्टेड नेटवर्क फॉर ग्रोथ एंड एडवांसमेंट) केवल इंटरनेट कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण युवाओं को उद्यमी बनाने का एक अभियान है।
- स्थानीय रोजगार: न्याय पंचायत स्तर पर लगभग 8,000 से 10,000 युवाओं को डिजिटल सेवा प्रदाता (Digital Service Providers) के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा।
- आधी आबादी की भागीदारी: परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें 50 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं की सुनिश्चित की गई है, जिससे ग्रामीण महिला उद्यमिता को नई उड़ान मिलेगी।
- कुल अवसर: इस पूरी परियोजना के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 1 लाख रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था का बदलेगा स्वरूप: शिक्षा से स्वास्थ्य तक लाभ
Lucknow वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि हाई-स्पीड इंटरनेट ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगा।
- ऑनलाइन सेवाएं: गांवों में ब्रॉडबैंड पहुँचने से टेलीमेडिसिन (ऑनलाइन इलाज), ऑनलाइन शिक्षा, और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति होगी।
- आर्थिक सहयोग: युवाओं को डिजिटल स्टार्टअप से जोड़ने के लिए सरकार 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण भी उपलब्ध करा रही है।
- भाषा की प्राथमिकता: वित्त मंत्री ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर हिंदी भाषा को प्रमुखता देने का आग्रह किया ताकि ग्रामीण आबादी तकनीकी सुविधाओं का सहजता से लाभ उठा सके।
एक्सप्रेसवे के बाद अब ‘डिजिटल हाईवे’ की बारी
Lucknow स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की महत्ता पर प्रकाश डाला।
- डिजिटल डिवाइड खत्म होगा: यह परियोजना गांवों और शहरों के बीच की तकनीकी दूरी (Digital Divide) को कम करेगी। विशेष रूप से श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर जैसे सीमावर्ती जिलों में इसके पहुँचने से आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
- बहुआयामी लाभ: हाई-स्पीड इंटरनेट के माध्यम से ग्रामीण युवा अब यूट्यूब और अन्य डिजिटल कंटेंट के जरिए आय अर्जित कर सकेंगे। साथ ही, एआई (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों तक भी उनकी पहुँच आसान होगी।
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