BY: Yoganand Shrivastva
Kuno Cheetah Cubs मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उत्साहजनक खबर सामने आई है। प्रोजेक्ट चीता के चार वर्ष पूरे होने के एक दिन बाद भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने चार शावकों को जन्म दिया है। इस उपलब्धि को प्रोजेक्ट चीता के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी साझा करते हुए इसे संरक्षण प्रयासों की बड़ी सफलता बताया।
कूनो में बढ़ी चीतों की नई पीढ़ी
Kuno Cheetah Cubs चार नए शावकों के जन्म के साथ कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या और उनकी नई पीढ़ी का विस्तार हुआ है। वन विभाग और पार्क प्रबंधन की टीम शावकों और उनकी मां की लगातार निगरानी कर रही है ताकि उन्हें सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिल सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में जन्म लेने वाले शावकों की संख्या बढ़ना इस बात का संकेत है कि कूनो का वातावरण चीतों के प्रजनन के लिए अनुकूल साबित हो रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस खुशखबरी पर खुशी जाताई है, मुख्यमंत्री के X हैंडल पर पोस्ट में लिखा..
यह उपलब्धि भारत में चीता संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। कूनो में लगातार बढ़ रही चीता आबादी से वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय लोगों की आजीविका को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चल रहे प्रोजेक्ट चीता के तहत भारत में चीता संरक्षण और पुनर्स्थापना की प्रक्रिया जारी है। कूनो में नए शावकों के जन्म से इस अभियान को और मजबूती मिली है।
कूनो नेशनल पार्क और प्रोजेक्ट चीता से जुड़े अधिकारियों एवं पूरी टीम ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई है। चार नए शावकों के जन्म से कूनो में चीता संरक्षण की यात्रा में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है।
A historic milestone for Project Cheetah!
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) September 18, 2026
The very next day after Project Cheetah completed four years in MP, Kuno National Park brought us wonderful news – KGP12, a cheetah born in India, has given birth to four cubs.
Under the guidance of Hon’ble Prime Minister Shri… pic.twitter.com/zKP4CtyUqZ
वन्यजीव संरक्षण अभियान को मिला बल
Kuno Cheetah Cubs प्रोजेक्ट चीता के तहत अफ्रीकी चीतों को भारत लाकर उनके पुनर्वास और संरक्षण का प्रयास किया जा रहा है। चार नए शावकों का जन्म इस अभियान को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है। इससे देश में चीता संरक्षण की दीर्घकालिक योजना को भी बल मिलेगा।
वन्यजीव प्रेमियों और संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों ने इस घटना का स्वागत करते हुए इसे भारत में चीता आबादी बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक कदम बताया है।
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