US Iran Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर बड़ा संकेत दिया है। अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमला शुरू करने के फैसले के बेहद करीब हैं। उन्होंने साफ किया कि उनके सामने अब यह सवाल है कि ईरान के खिलाफ आगे कितना बड़ा कदम उठाया जाए।
US Iran Conflict: ईरान पर हमले को लेकर ट्रंप ने क्या कहा
ट्रंप ने एक्सियोस से बातचीत में कहा कि उन्हें एक बड़ा फैसला लेना है। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि क्या अमेरिका को आगे बढ़कर ईरान को पूरी तरह खत्म कर देना चाहिए या नहीं। ट्रंप ने इसे बेहद महत्वपूर्ण फैसला बताया। उन्होंने यह भी कहा कि वह कुछ भी कर सकते हैं।
ट्रंप के इस बयान को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से सैन्य कार्रवाई को लेकर दिया गया यह बयान आगे की रणनीति को लेकर कई सवाल खड़े करता है।
US Iran Conflict: खाड़ी देशों के साथ ट्रंप की अहम बैठक
ट्रंप का बयान ऐसे समय सामने आया है जब वह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान खाड़ी के छह देशों के नेताओं के साथ बैठक करने वाले हैं। इस बैठक में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान शामिल होंगे।
यह बैठक अगले सप्ताह मंगलवार को प्रस्तावित है। ऐसे समय में खाड़ी देशों के साथ ट्रंप की बातचीत को ईरान से जुड़े क्षेत्रीय सुरक्षा हालात के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि ईरान के खिलाफ अगले चरण की सैन्य कार्रवाई से जुड़ा फैसला नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले लिया जाएगा या उसके बाद।
US Iran Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का दावा
ट्रंप ने बातचीत के दौरान दावा किया कि ईरान अमेरिका के सीधे संपर्क में है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी पक्ष अभी भी किसी समझौते की इच्छा रखता है।
हालांकि, इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी खुला रखा है। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका की ओर से बातचीत और सैन्य दबाव, दोनों रास्तों को एक साथ आगे बढ़ाने की रणनीति पर विचार किया जा रहा है।
US Iran Conflict: पहले भी सैन्य कार्रवाई टाल चुके हैं ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति इससे पहले भी ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की बात कर चुके हैं। अगस्त की शुरुआत में भी उन्होंने बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू करने का फैसला टाल दिया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय सऊदी अरब ने संभावित जवाबी कार्रवाई को लेकर चिंता जताई थी। आशंका थी कि यदि अमेरिका ईरान पर हमला करता है तो ईरान जवाब में सऊदी अरब की तेल और गैस से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बना सकता है। इस क्षेत्रीय जोखिम को देखते हुए सैन्य कार्रवाई को आगे बढ़ाने के फैसले पर रोक लगी थी।
US Iran Conflict: अमेरिका ने ईरान पर बढ़ाया आर्थिक और सैन्य दबाव
इसके बाद अमेरिका ने तेहरान के खिलाफ प्रतिबंधों का नया अभियान शुरू किया है। अमेरिकी दबाव केवल आर्थिक प्रतिबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि समुद्री क्षेत्र में भी गतिविधियां बढ़ाई गई हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी जारी रखी है। अमेरिका का ध्यान होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से टैंकरों की आवाजाही बढ़ाने पर भी केंद्रित है।
US Iran Conflict: मध्य पूर्व के लिए युद्ध के बाद की रणनीति पर काम
एक्सियोस की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन युद्ध के बाद मध्य पूर्व के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार कर रहा है। इस योजना का एक प्रमुख उद्देश्य ईरान को रोकना और क्षेत्र में उसकी भूमिका को सीमित करना बताया गया है।
इसके साथ ही इजरायल और उसके पड़ोसी अरब देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में भी योजना तैयार की जा रही है। हालांकि, यह पूरी रणनीति अभी शुरुआती चरण में है और इसके अंतिम स्वरूप को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
US Iran Conflict: नेतन्याहू से मुलाकात पर ट्रंप ने दिया संकेत
ट्रंप से जब अगले सप्ताह न्यूयॉर्क में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इससे इनकार नहीं किया। ट्रंप ने कहा कि वह नेतन्याहू से मुलाकात कर सकते हैं।
ऐसे में आने वाले दिनों में ट्रंप की खाड़ी देशों के नेताओं, इजरायली नेतृत्व और ईरान से जुड़े मुद्दों पर होने वाली बातचीत पर खास नजर रहेगी। ईरान को लेकर अमेरिका की अगली रणनीति और संभावित सैन्य कदम का असर पूरे मध्य पूर्व के सुरक्षा हालात पर पड़ सकता है।


