Mohit Jain
भाई दूज के शुभ अवसर पर गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए। “हर-हर महादेव” और “जय बाबा केदार” के जयघोष से केदारघाटी गूंज उठी। हजारों श्रद्धालुओं ने कपाट बंद होने से पहले बाबा केदार के दर्शन कर आध्यात्मिक माहौल को और पावन बना दिया।
इस पावन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। वहीं, आज दोपहर 12:30 बजे यमुनोत्री धाम के कपाट भी बंद किए जाएंगे।
6 महीने ऊखीमठ में होंगे बाबा केदार के दर्शन

कपाट बंद होते ही भगवान शिव की चल डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ के लिए रवाना हो गई।
डोली का कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा
- 23 अक्टूबर: रामपुर में रात्रि विश्राम
- 24 अक्टूबर: गुप्तकाशी पहुंचने का कार्यक्रम
- 25 अक्टूबर: ऊखीमठ में विराजमान, शुरू होगी शीतकालीन पूजा
करीब छह महीने तक यहां भक्त पूजा-अर्चना और दर्शन कर सकेंगे।
चारधाम यात्रा ने बनाए रिकॉर्ड

बर्फबारी और खराब मौसम की चुनौतियों के बावजूद इस बार चारधाम यात्रा ने नए माइलस्टोन छुए
- केदारनाथ धाम दर्शन: 16.56 लाख से अधिक भक्त
- बदरीनाथ धाम दर्शन: 14.53 लाख से ज्यादा श्रद्धालु
यह आंकड़ा पिछले वर्ष 2024 में बने रिकॉर्ड को भी पार कर गया है।
(2024 में केदारनाथ: 16.52 लाख, बदरीनाथ: 14.35 लाख)
श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था और बेहतर व्यवस्थाओं के कारण चारधाम यात्रा हर साल नए आयाम छू रही है।





