BY: Yoganand Shrivastva
जबलपुर, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट को अब एक नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, जस्टिस संजीव सचदेवा को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। साथ ही जस्टिस विवेक कुमार सिंह को भी मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में स्थानांतरित कर नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों के साथ ही हाईकोर्ट में अब कुल जजों की संख्या 34 हो गई है।
एक्टिंग से पूर्णकालिक चीफ जस्टिस बने जस्टिस सचदेवा
जस्टिस संजीव सचदेवा को 24 मई 2025 को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। इससे पहले भी वे 9 जुलाई 2024 से 24 सितंबर 2024 तक मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में इसी भूमिका में कार्य कर चुके हैं।
30 मई 2024 को उनका तबादला दिल्ली हाईकोर्ट से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में हुआ था। अब उन्हें औपचारिक रूप से पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीश का दायित्व सौंपा गया है।
जस्टिस विवेक कुमार सिंह का तबादला मद्रास से जबलपुर
मद्रास हाईकोर्ट में कार्यरत जस्टिस विवेक कुमार सिंह को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में स्थानांतरित किया गया है। उनकी नियुक्ति के साथ अब एमपी हाईकोर्ट में कुल 34 जज कार्यरत हैं, जबकि स्वीकृत पदों की संख्या 53 है। यानी अब भी 19 जजों की कमी बनी हुई है।
शपथ ग्रहण समारोह
सूत्रों के अनुसार, जस्टिस संजीव सचदेवा को जल्द ही भोपाल में राज्यपाल द्वारा शपथ दिलाई जाएगी, जबकि जस्टिस विवेक कुमार सिंह को जबलपुर में ही शपथ दिलाई जाएगी, संभवतः खुद चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा द्वारा।
कॉलेजियम सिस्टम पर उठे सवाल
पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत ने हाल ही में एक बयान में कॉलेजियम प्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, एससी, एसटी और ओबीसी की संख्या प्रदेश में 90% से अधिक है, फिर भी इन वर्गों से न कोई जज सर्विस से आया, न कोई एडवोकेट से जज बना। उन्होंने इसे कॉलेजियम प्रणाली की असमानता और पारदर्शिता की कमी का उदाहरण बताया।





