केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जातिवाद पर अपनी कड़ी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की महानता उसके गुणों से निर्धारित होती है, न कि जाति, धर्म या लिंग से। गडकरी ने यह भी कहा कि वह इस सिद्धांत पर कभी समझौता नहीं करेंगे, भले ही उन्हें चुनावों में इसका खामियाजा भुगतना पड़े। उन्होंने एक सभा में कहा था, “जो करेगा जात की बात, उसे कस के मारूंगा लात”, यानी “मैं उस व्यक्ति को कड़ी सजा दूंगा जो जातिवाद की बात करेगा।”
शिक्षा के महत्व पर जोर
नितिन गडकरी ने नागपुर में केंद्रीय भारत समूह के संस्थान के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा सिर्फ व्यक्ति और परिवार के लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “ज्ञान शक्ति है और इसे आत्मसात करना आपका मिशन है।”

शिक्षा और सफलता का संबंध
गडकरी ने इस दौरान यह भी बताया कि कई लोग उन्हें इंजीनियर समझते हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि वह एक व्यवसायी और कृषि विज्ञान में भी डिग्री रखते हैं। उन्होंने छात्रों को सलाह दी, “कभी भी नौकरी के पीछे न भागें, बल्कि खुद एक नौकरी देने वाला बनें।”
राजनीति में जातिवाद का विरोध
गडकरी ने अपनी राजनीतिक यात्रा के बारे में भी बताया और कहा कि वह जाति आधारित नेताओं से मिलते हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने सिद्धांतों के अनुसार काम किया है। उन्होंने कहा कि अगर यह उनकी चुनावी सफलता को प्रभावित करता है, तो वह इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
गडकरी का मानना है कि एक व्यक्ति केवल अपने गुणों से महान बनता है, और जाति, धर्म या भाषा से उसकी महानता का कोई संबंध नहीं होता।
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