जौनपुर जिले के खेतासराय स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज, खुदौली में सोमवार को यूपी बोर्ड हाई स्कूल परीक्षा के दौरान एक विवादित मामला सामने आया। परीक्षा में प्रवेश से पहले कुछ छात्राओं को नकाब हटाकर पहचान पत्र से चेहरा मिलाने के लिए कहा गया, जिससे नाराज होकर एक ही परिवार की चार छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी। इस घटना के बाद कुल 10 छात्राओं ने बिना परीक्षा दिए वापस लौटने का फैसला किया।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, परीक्षा के प्रथम पाली में हिंदी की परीक्षा से पहले कॉलेज प्रशासन द्वारा गेट पर ही छात्राओं की पहचान सत्यापित की जा रही थी। इसके तहत छात्राओं को एक कक्ष में ले जाकर उनके चेहरे की जांच की जा रही थी, जिससे उनकी पहचान परीक्षा प्रवेश पत्र से मिलाई जा सके। अधिकांश छात्राओं ने इस प्रक्रिया का पालन किया और परीक्षा में शामिल हुईं, लेकिन चार छात्राओं ने इसका विरोध किया और नकाब हटाने से मना कर दिया। इस पर उनके परिजनों ने उन्हें परीक्षा दिलाए बिना घर वापस ले जाने का फैसला किया।
इस घटना के बाद, कुल 10 छात्राओं ने परीक्षा नहीं दी, जबकि विद्यालय प्रशासन के अनुसार कुल 19 मुस्लिम छात्राएं अनुपस्थित रहीं।
विद्यालय प्रशासन और परीक्षा केंद्र का बयान
सर्वोदय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक दिनेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि परीक्षा के दौरान नियमों के तहत प्रवेश पत्र से चेहरा मिलान किया जा रहा था। महिला शिक्षिकाओं के द्वारा यह प्रक्रिया की जा रही थी, लेकिन चार छात्राओं ने इस प्रक्रिया का पालन करने से इनकार कर दिया और परीक्षा छोड़ दी।
प्रधानाचार्य ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी छात्रा को हिजाब पहनने से नहीं रोका गया था, बल्कि केवल प्रवेश पत्र से चेहरा मिलाने के लिए कहा गया था। परीक्षा में कुल 153 मुस्लिम छात्राओं का नामांकन था, जिनमें से अधिकांश ने परीक्षा दी, जबकि 19 छात्राएं अनुपस्थित रहीं।
परिजनों और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोग परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक पर नाराजगी जताते हुए उनके खिलाफ विरोध जता रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि परीक्षा नियमों का पालन करना आवश्यक है और छात्राओं को अपने भविष्य को दांव पर नहीं लगाना चाहिए।
इसी बीच माडर्न कान्वेंट स्कूल के प्रबंधक ने बताया कि उनके विद्यालय की 11 छात्राओं का परीक्षा केंद्र सर्वोदय इंटर कॉलेज में था, जहां उनकी पोती ने भी परीक्षा दी, लेकिन उसे किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं हुई।





