Report: Ratan kumar
Jamtara झारखंड के जामताड़ा और धनबाद को जोड़ने वाली लाइफलाइन मानी जाने वाली नेशनल हाईवे 419 पर भ्रष्टाचार और लापरवाही की एक भयावह तस्वीर सामने आई है। बुधुडीह के पास करोड़ों की लागत से बना नया पुल तैयार होते ही दरकने लगा है। जिस पुल से बेहतर आवागमन की उम्मीद थी, वह अब राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
Jamtara पुल के ढांचे में आई गहरी दरारें, दहशत में राहगीर
मौके से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुल की स्थिति इतनी जर्जर है कि गुजरते वाहनों के कंपन से पूरा ढांचा हिलने लगता है। पुल के बीचों-बीच ऐसी गहरी दरारें उभर आई हैं कि वहां से नीचे की सड़क साफ दिखाई दे रही है। पुल की यह स्थिति किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे रही है। स्थानीय लोगों के बीच इसे लेकर भारी दहशत है, क्योंकि पुल का एक बड़ा हिस्सा कभी भी जमींदोज हो सकता है।

Jamtara “रात के अंधेरे में निर्माण” और घटिया सामग्री के आरोप
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय निवासी किशोर मंडल और नसीम अंसारी का आरोप है कि इस पुल का अधिकांश कार्य रात के अंधेरे में छिपकर किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सीमेंट और कंक्रीट का मिश्रण इतना कमजोर है कि वह हाथों से ही गिर रहा है। दिन में कागजी खानापूर्ति और रात में निम्नस्तरीय निर्माण—इस पूरे मामले ने संवेदक (ठेकेदार) और विभाग की सांठगांठ की ओर इशारा किया है।
Jamtara उच्च स्तरीय जांच और दोबारा निर्माण की मांग
आक्रोशित ग्रामीणों ने बुधुडीह के पास प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय नागरिकों ने जिला उपायुक्त (DC) से गुहार लगाई है कि:
- पुल के निर्माण की तकनीकी जांच किसी विशेषज्ञ टीम से कराई जाए।
- इस ‘खतरनाक’ ढांचे को तोड़कर गुणवत्तापूर्ण सामग्री के साथ दोबारा निर्माण हो।
- निर्माण की अनुमति देने वाले और निगरानी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय हो।
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