Report: Ratan kumar
Jamtara : साइबर अपराध के गढ़ कहे जाने वाले जामताड़ा में पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ‘योनो’ (YONO) ऐप के नाम पर देशव्यापी ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने चार अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। जामताड़ा एसपी राजकुमार मेहता को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

छापेमारी में दबोचे गए अपराधी, डिजिटल उपकरण बरामद
Jamtara एसपी राजकुमार मेहता के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के लखनुडीह–पारटोल मार्ग पर घेराबंदी कर छापेमारी की। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने मौके से चार संदिग्धों को धर दबोचा। इनके पास से 7 स्मार्टफोन और 8 सक्रिय सिम कार्ड बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग ठगी की वारदातों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इब्राहिम अंसारी उर्फ पाडु (गिरिडीह), हुसैन अंसारी, साकिर अंसारी उर्फ लालू और सिराज अंसारी (जामताड़ा) के रूप में हुई है।
योनो ऐप अपडेट के नाम पर लूट: ऐसे देते थे ठगी को अंजाम
Jamtara एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह गिरोह तकनीकी रूप से काफी शातिर था। ये अपराधी फर्जी नंबरों से बैंक ग्राहकों को कॉल करते थे और ‘योनो ऐप’ बंद होने या केवाईसी अपडेट कराने का डर दिखाते थे। ग्राहकों का विश्वास जीतने के बाद, ये उन्हें व्हाट्सएप लिंक या स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करते थे। जैसे ही पीड़ित ऐप इंस्टॉल करता, अपराधी मोबाइल का पूरा एक्सेस पा लेते थे और ओटीपी व यूजर आईडी चोरी कर खातों से पल भर में पैसे साफ कर देते थे।
खुद एसपी को आए थे संदिग्ध मैसेज, पुलिस जांच तेज
Jamtara चौंकाने वाली बात यह है कि इस गिरोह की सक्रियता इतनी अधिक थी कि स्वयं एसपी राजकुमार मेहता के पास भी योनो ऐप से संबंधित छह संदिग्ध मैसेज आए थे। पुलिस अब इन मैसेजों के लिंक और गिरोह के बैंक खातों की कड़ियों को जोड़ रही है। एसपी ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें और अपने फोन का रिमोट एक्सेस किसी अनजान व्यक्ति को न दें। पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है।
Read this: Patna राजपाल यादव की मदद के लिए आगे आए तेज प्रताप यादव, 11 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का किया ऐलान





