BY
Yoganand Shrivastava
Jaipur news: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सुरक्षा में लगातार दूसरे दिन चूक का मामला सामने आया है। सोमवार दोपहर जयपुर के जगतपुरा इलाके में मुख्यमंत्री के काफिले के दौरान एक युवक सुरक्षा घेरा तोड़कर सड़क पार करता हुआ काफिले के बीच पहुंच गया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जगतपुरा में काफिले के बीच पहुंचा युवक
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एबीवीपी के एक कार्यक्रम में शामिल होने सीतापुरा जा रहे थे। इसी दौरान जब उनका काफिला जगतपुरा में 7 नंबर बस स्टैंड के पास से गुजर रहा था, तभी एक युवक अचानक काफिले के बीच आ गया। आगे चल रही एस्कॉर्ट टीम ने उसे रुकने का संकेत दिया, लेकिन युवक नहीं रुका।
पुलिस ने मौके पर रोका युवक
सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने तुरंत युवक को काबू में ले लिया। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक युवक मंदबुद्धि बताया जा रहा है और पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया।
भरतपुर में भी हो चुकी है चूक
इससे पहले 27 दिसंबर को भरतपुर जिले में भी मुख्यमंत्री की सुरक्षा में चूक सामने आई थी। उस दिन मुख्यमंत्री अपने गुरु संतरामदास महाराज की पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित कर लौट रहे थे। मंदिर के बाहर एक युवक सुरक्षा घेरा तोड़कर उनके काफी करीब पहुंच गया था, जिसे समय रहते सुरक्षा कर्मियों ने पकड़ लिया था।
सीएम के विमान से जुड़ी पुरानी घटना
31 जुलाई 2025 को भी मुख्यमंत्री की यात्रा के दौरान एक बड़ी लापरवाही सामने आई थी। जयपुर से फलोदी जा रहा उनका चार्टर विमान गलती से फलोदी एयरफोर्स स्टेशन की बजाय शहर की सिविल एयरस्ट्रिप पर उतार दिया गया था। बाद में विमान को दोबारा उड़ाकर वायुसेना स्टेशन पर उतारा गया। इस चूक के बाद डीजीसीए ने दोनों पायलटों को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया था।
2024 में जगतपुरा में हुआ था बड़ा हादसा
11 दिसंबर 2024 को भी जगतपुरा रोड पर मुख्यमंत्री के काफिले के दौरान गंभीर घटना हुई थी। रॉन्ग साइड से आ रही टैक्सी ने सुरक्षा में तैनात एएसआई सुरेंद्र सिंह को टक्कर मार दी थी। इसके बाद टैक्सी काफिले की अन्य गाड़ियों से भी टकरा गई। इस हादसे में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे और एएसआई सुरेंद्र सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
लगातार घटनाओं से उठे सवाल
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दो दिन के भीतर दो बार सुरक्षा घेरा टूटना, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।





