संवाददाता: मनोज जंगम
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क्या है पूरा मामला?
छत्तीसगढ़ व्यापम द्वारा आयोजित PWD सब-इंजीनियर भर्ती परीक्षा में एक संगठित हाई-टेक नकल कांड सामने आया है। बिलासपुर के एक परीक्षा केंद्र पर दो युवतियों को hidden कैमरा, ईयरपीस, टैबलेट, वॉकी-टॉकी और ब्लूटूथ डिवाइसेज के साथ पकड़ा गया ।
जगदलपुर में हुआ मुख्यमंत्री पुतला दहन
इस विवाद के चलते आज NSUI ने जगदलपुर स्थित कांग्रेस भवन में एक विरोध प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री का पुतला फूंका, आरोप लगाते हुए:
“यह हाई‑टेक नकल बिना राजनीतिक संरक्षण संभव नहीं था,”
“यह राज्य की परीक्षा व्यवस्था की विफलता और बेरोजगार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है” — NSUI जिलाध्यक्ष सुशील मौर्य।
NSUI ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की, साथ ही चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई में देरी हुई तो वे चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
- नकल में पकड़ी गई दो जुड़वां बहनें जशपुर की रहने वाली हैं। बड़ी बहन परीक्षा हॉल में थी, जबकि छोटी बहन टैक्सी में बैठकर लाइव उत्तर भेज रही थी ।
- टैक्सी ड्राइवर ने संदेह के बाद NSUI कार्यकर्ता विकास सिंह ठाकुर को सूचना दी, जिन्होंने घटना को रिकॉर्ड किया और परीक्षा अधिकारियों और पुलिस को सूचित किया ।
- दोनों बहनों के खिलाफ IT एक्ट, धोखाधड़ी व आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज किया गया है ।
- सरकार ने इसे “organised electronic malpractice” करार दिया और कहा है कि cheating पर शून्य सहनशीलता होगी ।
क्यों हुआ NSUI का विरोध इतना उग्र?
- यह मामला सिर्फ दूध का दूध, पानी का पानी उजागर नहीं कर रहा—यह सिस्टम की घाट और राजनीतिक प्रोटेक्शन की कहानी भी हो सकता है।
- परिवारिक समर्थन, राजनीति या इंतजाम, जिस के कारण यह ‘हाई-टेक नकल’ सफल हो पा रही थी, उसे छत्तीसगढ़ NVSP परीक्षा प्रणाली की विफलता माना जा रहा है।
अब आगे क्या होगा?
- संसदीय स्तर पर जांच: NSUI मांग कर रहा है कि यह मामला सिर्फ एक केंद्र तक सीमित न रहे, बल्कि राज्य भर में परीक्षा सेंटरों की जांच हो।
- यदि अन्य सेंटरों पर कहीं कड़ाई दिखी, तो सभी दोषियों पर सख्त अभियोजन—शायद भर्ती रद्द या फिर नया दौर हो सकता है।
- टीवी और सोशल मीडिया ट्रेंड: परीक्षा प्रणाली वामी दृष्टा बन सकती है—#NoCheating, #PWDExamTransparency आदि।





