BY: Yoganand Shrivastva
इंदौर | इंदौर के एमवाय अस्पताल में दो नवजात शिशुओं की चूहों द्वारा कुतरने से हुई मौत का मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है। UAE, ब्राजील, हांगकांग और मलेशिया समेत कई देशों के मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने इस घटना को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। 6 सितंबर को UAE के Gulf News ने इस खबर को विस्तार से रिपोर्ट किया, जिसमें अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर किया गया।
हाई कोर्ट का स्वतः संज्ञान, टीम ने की जांच
घटना के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को अस्पताल का निरीक्षण कराया। अतिरिक्त महाधिवक्ता विश्वजीत जोशी, उपमहाधिवक्ता सुदीप भार्गव और सहायक अधिवक्ता कृतिका होते ने एमवाय अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग और NICU यूनिट का दौरा किया।
निरीक्षण में अस्पताल के कई हिस्सों में चूहों की मौजूदगी के सबूत मिले। सफाई व्यवस्था और पेस्ट कंट्रोल की जिम्मेदारी संभाल रही एजाइल कंपनी की लापरवाही को इस घटना का मुख्य कारण बताया गया।
अस्पताल प्रशासन पर यह पहली बड़ी गफलत नहीं है। 2016 में भी यहां आग लगने से कई बच्चों की जान गई थी। कोर्ट ने इस बार स्पष्ट किया है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
परिवार के साथ दर्दनाक अनुभव
एक पीड़ित परिवार ने बताया कि उन्हें बॉक्स में अपने बच्चे का शव सौंपा गया। घर पहुंचने पर जब बॉक्स खोला गया तो नवजात की चार उंगलियां कुतरी हुई थीं। यह दृश्य देख परिजन सदमे में आ गए।
जयस का आंदोलन और सरकार पर सवाल
इस घटना को लेकर जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने ‘जनआक्रोश आंदोलन – एमवाय इंदौर’ का ऐलान किया है। संगठन ने इसे “प्रदेश के लिए शर्मनाक” बताते हुए कहा कि सरकार दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा ने कहा, “हाई कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेना पड़ा, जो म.प्र. सरकार की लापरवाही को उजागर करता है।”
उन्होंने 17 सितंबर को बदनावर में प्रधानमंत्री के ‘स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार कार्यक्रम’ के विरोध का भी ऐलान किया।
चरणबद्ध विरोध कार्यक्रम
- 15 सितंबर: प्रदेशभर में कलेक्टर कार्यालयों को ज्ञापन सौंपा जाएगा, दोषियों के निलंबन और गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज करने की मांग की जाएगी।
- 17 सितंबर: बदनावर में पीएम के कार्यक्रम के दौरान बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन।
- 21 सितंबर: इंदौर के एमवाय अस्पताल में विशाल जनआक्रोश आंदोलन, जिसमें 50 से अधिक सामाजिक संगठन हिस्सा लेंगे।





