BY
Yoganand Shrivastava
Indore news: भाजपा नेता को थप्पड़ मारने की घटना के बाद चर्चा में रहीं एसडीएम प्रिया वर्मा एक बार फिर अपने सख्त प्रशासनिक रवैये को लेकर सामने आईं। शनिवार को जब वे सरकारी वाहन से कलेक्टर कार्यालय जा रही थीं, तब उनके आगे चल रहे एक ई-रिक्शा पर उनकी नजर पड़ी।
क्षमता से कई गुना ज्यादा बच्चे सवार
एसडीएम ने तुरंत ई-रिक्शा को कलेक्टर कार्यालय के सामने रुकवाया। जांच में सामने आया कि ई-रिक्शा में 20 से 22 स्कूली बच्चे बैठे थे, जबकि उसकी निर्धारित क्षमता केवल 7 से 8 बच्चों की थी। बच्चों को पीछे और डिक्की वाले हिस्से में भी बैठाया गया था।
चालक से की गई पूछताछ
पूछताछ के दौरान ई-रिक्शा चालक ने बताया कि वह बच्चों को क्रिकेट खेलने के लिए स्कूल की ओर ले जा रहा था। बच्चों को नूरानी एकेडमी से जुड़ा बताया गया।
बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारा गया
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एसडीएम प्रिया वर्मा ने मौके पर ही सभी बच्चों को ई-रिक्शा से सुरक्षित उतरवाया। इसके बाद उन्हें उनकी क्रिकेट एकेडमी भेजने की व्यवस्था की गई।
ई-रिक्शा जब्त, स्कूल पर कार्रवाई प्रस्तावित
नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए ई-रिक्शा को जब्त कर लिया गया। साथ ही संबंधित स्कूल संचालक के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव भी भेजा गया है।
एसडीएम की पहल से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित
बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए एसडीएम प्रिया वर्मा ने उन्हें अपनी सरकारी गाड़ी से एकेडमी तक भिजवाया, ताकि किसी तरह का जोखिम न रहे।
लापरवाही पर सख्ती का संदेश
एसडीएम प्रिया वर्मा ने कहा कि इंदौर में पहले भी ऐसे हादसे हो चुके हैं। भविष्य में दोबारा ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।





