BY: Yoganand Shrivastava
इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में पॉक्सो एक्ट की एक स्पेशल कोर्ट ने 2 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म और उसकी हत्या की कोशिश के मामले में आरोपी दिनेश को बेहद कड़ी सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को पॉक्सो और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत कुल चार बार उम्रकैद की सजा दी है। यह मामला अक्टूबर 2022 में सामने आया था।
कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
स्पेशल जज क्षिप्रा पटेल ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी ने मासूम के साथ जो अपराध किया, वह समाज को झकझोर देने वाला है, इसलिए उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जानी जरूरी है।
- पॉक्सो एक्ट की अलग-अलग धाराओं में 3 बार उम्रकैद
- आईपीसी की धारा 307 (हत्या की कोशिश) में 1 बार उम्रकैद
इसके साथ ही, विभिन्न धाराओं के तहत 42,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
घटना का पूरा सिलसिला
यह मामला 12-13 अक्टूबर 2022 की रात का है। पीड़िता का परिवार घर में सो रहा था जब अचानक एक तख्ती गिरने की आवाज से बच्ची के पिता जागे। थोड़ी देर बाद पता चला कि बच्ची गायब है। परिवार ने आसपास तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। अंततः बच्ची की गुमशुदगी की रिपोर्ट चंदन नगर थाने में दर्ज कराई गई।
घायल हालत में झाड़ियों से मिली थी बच्ची
अगले दिन पुलिस की डायल-100 टीम को रेती मंडी रोड के पास झाड़ियों में बच्ची बेहोश और गंभीर हालत में मिली। माता-पिता ने मौके पर ही बच्ची की पहचान की। मेडिकल जांच में बच्ची के साथ हुई क्रूरता की पुष्टि हुई।
CCTV फुटेज से हुआ खुलासा
पुलिस ने आसपास के इलाके से CCTV फुटेज जुटाए। फुटेज में एक ट्रक बच्ची के घर की ओर जाता और थोड़ी देर बाद वापस लौटता दिखाई दिया। फुटेज देखने पर बच्ची के पिता ने ट्रक और ड्राइवर की पहचान दिनेश के रूप में की।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी का DNA टेस्ट कराया गया जिसमें अपराध की पुष्टि हुई।
पीड़िता को आर्थिक सहायता की सिफारिश
कोर्ट ने विक्टिम कम्पेंसेशन स्कीम के तहत बच्ची के परिवार को 3 लाख रुपये मुआवजा देने की सिफारिश की है।यह फैसला उन अपराधों के प्रति न्याय प्रणाली की संवेदनशीलता और कठोर रुख को दर्शाता है जिनमें मासूम बच्चों को निशाना बनाया जाता है।





