इंदौर वन विभाग ने पक्षियों का राजा कहे जाने वाले गिद्धों की गणना शुरू कर दी है, जिसमें दूसरे दिन तक 22 गिद्धों की गणना की गई है। इस गणना में वयस्क और अवयस्क दोनों गिद्धों को शामिल किया गया है। विभाग द्वारा की जा रही यह पहल वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन के प्रयासों का हिस्सा है।

मध्यप्रदेश वन विभाग द्वारा विभिन्न वन मंडलों में गिद्धों की गणना की जा रही है। खास बात यह है की इनकी गणना सुबह पांच बजे से सात बजे के बीच होती है। वन विभाग द्वारा गिद्धों के रहने की जगह जैसे पेड़ और ऊची पहाड़ियां के चट्टानों में तलाशा कटा है। जहां गिद्ध दिखाई देते हैं वहां पर ही उनकी फ़ोटो लेकर काउंटिंग की जाती है। वन विभाग के नवनियुक्त डीएफओ वीरेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि काउंटिंग के दौरान वयस्क और अवयस्क दोनों की गिनती की जा रही हैं। इंदौर वन मंडल के द्वारा अभी तक 22 गिद्धों की गणना की जा चुकी है, जिसमें 18 वयस्क और 4 अवयस्क शामिल हैं। प्रदेश सरकार जल्द ही प्रदेश में गिद्धों की संख्या बढ़ाने के लिए ब्रीडिंग शुरू करने वाली है
डीएफओ पटेल ने बताया कि, पिछले साल की डेटा से इस साल गिद्धों की संख्या कम हुई हैं, लेकिन काउंटिंग जारी है। पूरे देश या प्रदेश की बात करें तो गिद्धों की जनसंख्या बढ़ रही है। वर्तमान में महू, इंदौर, रालामंडल अभ्यारण और चोरल में गिद्धों की गणना की जा रही है।
ग़ौरतलब है कि एक रिपोर्ट के अनुसार 4 साल पहले 2021 की गणना में 117 गिद्ध मिले थे। अकेले इंदौर में वयस्क 46 और अवयस्क 71 गिद्ध मिले थे।





